यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 21, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सैलरी वाले टैक्सपेयर हैं? ITR फाइल करते समय इन बातों का रखें ध्यान, नहीं तो फंस जाएगा रिफंड
सभी सैलरी पाने वाले कर्मचारियों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करना काफी जरूरी है। अगर इसमें चूक या कोई गड़बड़ी होती है तो आपको जुर्माना पड़ सकत ...और पढ़ें

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। सभी सैलरी पाने वाले कर्मचारियों के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करना काफी जरूरी है। अगर इसमें चूक या कोई गड़बड़ी होती है, तो आपको जुर्माना पड़ सकता है और आपके खिलाफ कानूनी एक्शन भी लिया जाता है। आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन 31 जुलाई है, जो काफी नजदीक है।
ऐसे में अगर आप सैलरीड एंप्लॉयी हैं, तो आप आईटीआर फाइल करने के लिए सभी जरूरी दस्तावेज, फॉर्म और दूसरी जानकारियां जुटा लें। इससे आप बिना किसी झंझट के आईटीआर फाइल कर पाएंगे।
यहां से करें ITR की शुरुआत
आपको आईटीआर फाइल करने से पहले यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि आपका आधार आपके पैन कार्ड से लिंक हो। आप को उस बैंक अकाउंट भी जांच लेना चाहिए, जिसमें आप रिफंड चाहते हैं। अगर यह मान्य नहीं हुआ, तो आपका रिफंड फंस सकता है।

सही ITR फॉर्म चुनना जरूरी
रिटर्न दाखिल करने से पहले सही आईटीआर फॉर्म चुनना जरूरी है। अगर आप गलत फॉर्म चुनेंगे, तो रिटर्न को भी गलत ही माना जाएगा। फिर आपको सही फॉर्म का इस्तेमाल करके रिवाइज्ड आईटीआर दाखिल करना होगा। आप सही फॉर्म चुनकर इस झमेले से बच सकते हैं। अगर आप सैलरीड टैक्सपेयर हैं तो आपको ITR-1 दाखिल करना होगा।
क्या है ITR-1 फॉर्म?
अगर आपकी कमाई एक वित्त वर्ष के दौरान 50 लाख रुपये से कम है, तो आपको आईटीआर-1 फॉर्म भरना होगा। यह आय सैलरी, फैमिली पेंशन और कृषि आय (5,000 रुपये तक) जैसे सोर्स से होनी चाहिए।
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कौन नहीं दाखिल कर सकता ITR-1?
अगर आप भारतीय नागरिक नहीं हैं, तो आप ITR-1 नहीं दाखिल कर सकते। इसके अलावा कुछ अन्य शर्तें भी हैं, जो आपको ITR-1 दाखिल करने से रोक सकते हैं।
- आपकी कुल सालाना आमदनी 50 लाख रुपये से अधिक हो।
- आप लॉटरी, घुड़दौड़, लीगल सट्टेबाजी से भी पैसे कमाते हों।
- कैपिटल गेन यानी पूंजीगत लाभ टैक्स के दायरे में आती हो।
- आपने अनलिस्टेड इक्विटी शेयरों में निवेश कर रखा हो।
ये दस्तावेज हैं जरूरी
एनुअल इंफॉर्मेशन डिटेल्स (AIS) डाउनलोड कर लेना चाहिए। इसमें आपको अपनी पिछली सारी टैक्स डिटेल मिल जाती है। फॉर्म 16 और दूसरे महत्वपूर्ण दस्तावेज साथ रखने चाहिए। वैसे रिटर्न के साथ निवेश या टीडीएस प्रूफ नहीं सबमिट करना होता। लेकिन, आपको इन दस्तावेजों को साथ रखना चाहिए, ताकि असेसमेंट या पूछताछ की स्थिति में अधिकारियों को दिखा सकें।

