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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Saving Account में कितना रख सकते हैं पैसा? जानिए क्या कहता है इनकम टैक्स का नियम

    By Priyanka KumariEdited By: Priyanka Kumari
    Updated: Sat, 19 Aug 2023 04:19 PM (IST)

    Saving Account आज के समय में हर व्यक्ति के पास बैंक अकाउंट है। क्या आप जानते हैं कि सेविंग अकाउंट पर आपको जो ब्याज मिलता है उस पर भी टैक्स काटा जाता ह ...और पढ़ें

    इनकम टैक्स की नजर से बचने के लिए सिर्फ इतना रखें अकाउंट में पैसे
    इनकम टैक्स की नजर से बचने के लिए सिर्फ इतना रखें अकाउंट में पैसे

    HighLights

    1. सेविंग अकाउंट में लोग अपनी सेविंग रखते हैं।
    2. आप इस अकाउंट में कैश रखने पर कोई लिमिट नहीं होती है।
    3. इस अकाउंट में सिर्फ उतना ही कैश रखें जो आईटीआर के दायरे में आता है।

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। Bank Account: आज के समय में बैंक अकाउंट का होना बहुत जरूरी है। यह कोई भी वित्तीय लेनदेन को आसान कर देता है। डिजिटल बैंकिंग के बाद वित्तीय लेनदेन क्षणभर में हो जाता है। आप सेविंग अकाउंट और करेंट अकाउंट ओपन करवा सकते हैं। हर अकाउंट के अपने फायदे होते हैं। ऐसे में एक सवाल आता है कि आप अपने सेविंग अकाउंट में कितना कैश जमा कर सकते हैं। 

    सेविंग अकाउंट में कितना कैश रखें

    सेविंग अकाउंट में लोग अपनी सेविंग रखते हैं। कई लोगों के मन में सवाल आता है कि वह इस अकाउंट में कितना पैसा डिपॉजिट कर सकते हैं। आपको बता दें कि आप इस अकाउंट में कैश रखने पर कोई लिमिट नहीं होती है। इसका मतलब यह है कि आप जितना चाहे उतना पैसा रख सकते हैं। आपको एक बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि आप इस अकाउंट में सिर्फ उतना ही कैश रखें जो आईटीआर के दायरे में आता है। अगर आप ज्यादा कैश रखते हैं तो आपको जो इंटरेस्ट मिलता है उस पर आपको टैक्स देना होता है। 

    आयकर विभाग को क्या जानकारी दे

    आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को जानकारी देना होता हैं कि आपके सेविंग अकाउंट में कितना ब्याज मिलता है। इसके साथ ही आप अकाउंट में कितना पैसे रखते हैं। आपके सेविंग अकाउंट के डिपॉजिट से जो ब्याज मिलता है वह आपके इनकम में जोड़ा जाता है। 

    उदाहरण के तौर पर अगर कोई व्यक्ति की सालाना इनकम 10 लाख रुपये है और उसे ब्याज 10,000 रुपये मिलता है तो उस व्यक्ति का टोटल इनकम 10,10,000 रुपये माना जाता है। अगर कोई व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में 10 लाख रुपये से ज्यादा कैश रखते हैं तो आपको इसकी जानकारी आयकर विभाग को देना होगा। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आयकर विभाग आपके खिलाफ कदम उठाता सकता है। 

     

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