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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    निवेशकों के लिए खुशखबरी! SEBI ने ट्रे़डिंग को आसान बनाने के लिए बदले नियम

    By AgencyEdited By: Priyanka Kumari
    Updated: Tue, 21 Nov 2023 09:03 AM (IST)

    भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी SEBI शेयर बाजार पर कड़ी नजर बनाए रखता है। कोई भी निवेशक किसी भी तरह की धोखाधड़ी ना करें उन पर नकेल कसने के लिए क ...और पढ़ें

    SEBI ने ट्रे़डिंग को आसान बनाने के लिए बदले नियम
    SEBI ने ट्रे़डिंग को आसान बनाने के लिए बदले नियम

    HighLights

    1. भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड शेयर बाजार को सुचारू रूप से काम करने के लिए कई नियम लागू करते हैं।
    2. सेबी ने हाल ही में ट्रेडिंग को आसान करने के लिए एक नियम को बदल दिया है।
    3. यह नियम तत्काल रूप से लागू हो गया है।

     प्रेट, नई दिल्ली। बाजार नियामक सेबी ने भौतिक शेयर रखने वाले धारकों को राहत देते हुए पैन, केवाईसी विवरण और नामांकन के बिना इन्हें फ्रीज करने की आवश्यकता के प्रविधान को खत्म कर दिया है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने इसको लेकर एक सर्कुलर जारी किया। इस सर्कुलर के अनुसार यह कदम नियम को सरल बनाने के उद्देश्य से लिया गया है और यह तत्काल रूप लागू होगा।

    रजिस्ट्रार एसोसिएशन आफ इंडिया और निवेशकों से फीडबैक मिलने के बाद यह फैसला लिया गया है। नियम के तहत सूचीबद्ध कंपनियों के भौतिक शेयर रखने वाले सभी धारकों के लिए पैन, नामांकन, संपर्क विवरण, बैंक खाता विवरण और उनके संबंधित फोलियो नंबरों के लिए नमूना हस्ताक्षर देना अनिवार्य था।

    सेबी ने मई में कहा था कि जिन फोलियो का विवरण एक अक्टूबर, 2023 के बाद उपलब्ध नहीं होगा, उन्हें इश्यू एंड शेयर ट्रांसफर एजेंट (आरटीए) के रजिस्ट्रार द्वारा फ्रीज कर दिया जाएगा। मई में जारी सर्कुलर में संशोधन करते हुए सेबी ने कहा कि फ्रीज शब्द का संदर्भ हटा दिया गया है।

    सेबी ने क्यों बदला नियम

    सेबी ने बताया कि उन्होंने यह फैसला शेयर ट्रेड को आसान बनाने के लिए लिया है। इस नियम के बदलाव के बाद निवेशकों को हो रही अप्रत्याशित चुनौतियां काफी हद तक कम हो जाएगी। जब फोलियो को फ्रीज कर दिया जाता था तो निवेशकों को कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है। सेबी ने निवेशकों द्वारा आए सुझाव के बाद यह फैसला लिया है।

    खबरें और भी

    इस साल मई में सेबी ने एक सर्कुलर जारी किया था। इस सर्कुलर में उन्होंने 'फ्रीजिंग/फ्रोजन' संदर्भ को हटा दिया था। यह फैसला जिस्ट्रार एसोसिएशन ऑफ इंडिया और निवेशकों के परामर्श और प्रतिक्रिया के बाद लिया गया था।