सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बाजार में उतार-चढ़ाव आने पर Debt Mutual Funds पर नहीं आएगा कोई संकट, SEBI ने दी CDMF को मंजूरी

By Abhinav ShalyaEdited By: Abhinav Shalya
Published: Thu, 30 Mar 2023 03:43 PM (IST)

Debt Mutual Funds कॉरपोरेट डेट मार्केट डेवलपमेंट फंड (CDMF) को SBI Mutual Fund की ओर से मैनेज किया जाएगा। शुरुआत ...और पढ़ें

SEBI Set up Corporate Debt Market Development Fund CDMF
SEBI Set up Corporate Debt Market Development Fund CDMF

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। बाजार नियामक सेबी की ओर से कॉरपोरेट डेट मार्केट डेवलपमेंट फंड (Corporate Debt Market Development Fund - CDMF) की स्थापना के लिए मंजूरी दे दी गई है। यह एक वैकल्पिक निवेश फंड होगा, जो कि स्ट्रेस के समय किसी निर्दिष्ट म्यूचुअल फंड योजनाओं को निवेश-ग्रेड के कॉर्पोरेट डेट के लिए बैकस्टॉप सुविधा के रूप में कार्य करेगा।

इस फंड को शुरू करने का उद्देश्य वित्तीय संकट के दौरान फाइनेंस सपोर्ट प्रदान करना है और बॉन्ड निवेशकों में विश्वास पैदा करना है। बता दें, यह निर्णय बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) की ओर से हाल में हुई बोर्ड बैठक में लिया गया है।

एसबीआई करेगा मैनेज

बोर्ड बैठक के बाद सेबी की चेयरपर्सन माधाबी पुरी बुच की ओर से की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि इस बैकस्टॉप सुविधा को एसबीआई म्यूचुअल फंड की ओर से मैनेज किया जाएगा। शुरुआत में ये कॉपर्स 3000 करोड़ रुपये का होगा और इसमें योगदान एसेट मैनेजमेंट कंपनियों की ओर से दिया जाएगा।

NCGTC होगा गारंटर

बुच की ओर से आगे कहा गया कि नेशनल क्रेडिट गांरटी ट्रस्ट कंपनी (NCGTC) सीडीएमएफ की गारंटर होगी। साथ ही ये फंड बाजार में उतार-चढ़ाव होने पर कॉरपोरेट डेट सिक्योरिटी को खरीदने के लिए पैसा जुटा सकता है। साथ ही उन्होंने बताया कि सरकार ने फंड के लिए लीवरेज को 10 गुना 30,000 करोड़ रुपये रखा है। इसमें से म्यूचुअल फंड्स पैसा अपने योगदान के आधार पर ही निकाल सकेंगे।

इस मतलब है कि अगर कोई म्यूचुअल फंड 10 प्रतिशत का योगदान इस फंड में देता है, तो लीवरेज के साथ 3000 करोड़ के कॉपर्स का इस्तेमाल कर सकता है। इसे बाजार में उतार-चढ़ाव के समय निवेशकों में विश्वास पैदा करने के कदम के रूप में देखा जा रहा है।