सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Silicon Valley Bank का डूबना 2008 के बाद बैंकिंग सेक्टर की सबसे बड़ी उथलपुथल, जानिए ये महत्वपूर्ण तथ्य

    By Abhinav ShalyaEdited By: Abhinav Shalya
    Updated: Sat, 11 Mar 2023 02:39 PM (IST)

    अमेरिका का Silicon Valley Bank बैंक की ओर से ज्यादातर स्टार्टअप कंपनियों को फंड किया जाता था। वहीं कोरोना के बाद स्टार्टअप फंडिंग में कमी आने के कारण ...और पढ़ें

    Silicon Valley Bank failure reason, Know Details
    Silicon Valley Bank failure reason, Know Details

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। अमेरिकी रेगुलेटर की ओर से संकटग्रस्त सिलिकॉन वैली बैंक को बंद करने का फैसला लिया जा चुका है और इसके साथ जमा पर  बैंक से नियंत्रण ले लिया है। इसे अमेरिका में 2008 के बाद सबसे बड़ा बैंकिंग क्राइसिस माना जा रहा है।

    बता दें, सिलिकॉन वैली बैंक अमेरिका का 16 वां सबसे बड़ा बैंक है और इसमें निवेशकों की 175 अरब डॉलर की राशि जमा है। इसके संकट में आने के कारण अमेरिका के साथ दुनिया के बाजारों में गिरावट देखी जा रही है।

    कैसे सिलिकॉन वैली बैंक हुआ फेल?

    सिलिकॉन वैली बैंक ज्यादातर स्टार्टअप कंपनियों को ही फंड करता था। इसके साथ बैंक ने अपना अधिकतर निवेश यूएस बॉन्ड्स में किया था। अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दर बढ़ाने के कारण बॉन्ड्स की वैल्यू कम हो गई।

    वहीं, दूसरी तरफ महंगाई बढ़ने और अन्य कारणों से स्टार्टअप की फंडिंग में कमी आने लगी और इस कारण बैंक से बड़ी मात्रा में ग्राहक निकासी करने लगे। बैंक को सभी ग्राहकों को भुगतान करने के लिए अपने बॉन्ड्स को नुकसान में बेचना पड़ा। बैंक ने बताया कि इस वजह से उसे करीब दो अरब डॉलर का नुकसान हुआ है।

    खबरें और भी

    अमेरिकी रेगुलेटर ने उठाएं ये कदम?

    अमेरिकी रेगुलेटर की ओर से सिलिकॉन वैली बैंक को बंद कर दिया गया है। फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (Federal Deposit Insurance Corporation (FDIC)) की ओर से बैंक के जमा पर नियंत्रण हासिल कर लिया गया है। इसके साथ एफडीआईसी ने बैंक के डिपॉजिटरों को विश्वास दिलाया है कि सोमवार को बैंक की सभी ब्रांच खुलेंगी।

    संपत्ति के मुताबिक, दुनिया के सबसे बड़े बैंकिंग क्राइसिस

    • एचबीओएस (यूनाइटेड किंगडम) - 17 सितंबर, 2008 - 811 अरब डॉलर
    • वाशिंगटन म्यूचुअल (अमेरिका) - 25 सितंबर, 2008- 307 अरब डॉलर
    • सिलिकॉन वैली बैंक (अमेरिका) - 10 मार्च, 2023- 209 अरब डॉलर
    • साक्सेन एलबी (जर्मनी) - 25 अगस्त, 2007 - 92 अरब डॉलर
    • ब्रैडफोर्ड एंड बिंगले (यूनाइटेड किंगडम) - 29 सिंतबर, 2008 - 63 अरब डॉलर
    • इंडीमैक (अमेरिका) - 11 जुलाई, 2008 - 32 अरब डॉलर

    इसके अलावा लेहमन ब्रदर्स भी 15 सितंबर, 2008 को दिवालिया हो गया था। इस समय कंपनी की एसेट्स करीब 639 अरब डॉलर थी।