यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 23, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मोबाइल इंटरनेट की धीमी स्पीड से परेशान? पढ़ें ऐसे होगा सब ठीक
ऐसा शायद की कोई होगा जो मोबाइल पर धीमी इंटरनेट स्पीड या इंटरनेट कनेक्शन से परेशान न हो? अगर आप भी इस परेशानी का सामना कर रहे हैं तो आपको यहां आपके लिए ...और पढ़ें

नई दिल्ली। ऐसा शायद की कोई होगा जो मोबाइल पर धीमी इंटरनेट स्पीड या इंटरनेट कनेक्शन से परेशान न हो? अगर आप भी इस परेशानी का सामना कर रहे हैं तो आपको यहां आपके लिए एक अच्छी खबर है। ट्राई आपको इस परेशानी से निजात दिलाने की कोशिश कर रहा है।
दूरसंचार नियामक जल्दी ही न्यूनतम डाउनलोड स्पीड तय कर सकता है जिसके आधार पर दूरसंचार कंपनियों को वायरलेस डेटा सर्विस देने होंगे। ट्राई ने इस बारे में दस्तावेज जारी कर कहा है कि उपभोक्ताओं से डाउनलोड की धीमी स्पीड को लेकर कई शिकायतें मिल रही हैं। मामले पर गौर करने के बाद ऐसा लगता है कि अब वायरलेस डेटा सर्विस के लिए न्यूनतम डाउनलोड स्पीड की बाध्यता होनी चाहिए। फिलहाल, टेलिकॉम कंपनियों पर वायरलेस सेवा के लिए कोई न्यूनतम गति की बाध्यता नहीं है।
3जी कंपनियां मोबाइल इंटरनेट स्पीड 7.1 एमबीपीएस से 21 एमबीपीएस के दायरे में देने का वादा करती है। 7.1 एमबीपीएस स्पीड पर एक मोबाइल ग्राहक को पूरी फिल्म डाउनलोड करने में करीब 12 से 14 मिनट का समय लगता है। लेकिन फिल्म के आकार का फाइल डाउनलोड करने में करीब 40 मिनट का समय लगता है।
कंपनियों ने ट्राई को जो न्यूनतम स्पीड के बारे में जानकारी दी है, वह 399 केबीपीएस (न्यूनतम ब्रॉडबैंड स्पीड 512 केबीपीएस) से 2.48 एमबीपीएस है। ट्राई को पता चला है कि एक कंपनी द्वारा दी जा रही न्यूनतम स्पीड ब्रॉडबैंड कहे जाने लायक नहीं है। नियामक का मानना है कि 3जी और सीडीएमए ईवीडीओ सेवा के लिए न्यूनतम डाउनलोड स्पीड 95 फीसद सफलता दर के साथ एक मेगाबिट प्रति सेकेंड होनी चाहिए।
जीएसएम और सीडीएमए 2जी के मामले में न्यूनतम गति 56 किलोबिट प्रति सेकेंड तथा सीडीएमए हाई स्पीड डेटा के लिये 512 केबीपीएस होनी चाहिए. ट्राई ने इस बारे में लोगों से 5 मई तक राय मांगी हैं। इस बारे में जवाबी प्रतिक्रिया 12 मई तक दी जा सकती है।
