सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    6 से 12 महीने में खत्म हो जाएंगी सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की नौकरियां! दावोस में इस CEO ने की डराने वाली भविष्यवाणी

    Updated: Wed, 21 Jan 2026 06:36 PM (GMT+05:30)

    एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोडेई ने दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में चेतावनी दी है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अगले 6-12 महीनों में अधिकांश सॉफ्टवेयर क ...और पढ़ें

    दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में AI और नौकरियों के विषय पर चर्चा हुई।

    दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में AI और नौकरियों के विषय पर चर्चा हुई।

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के बढ़ते इस्तेमाल से कई तरह की नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है। इस बीच एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोडेई ने बड़ी चेतावनी दी है। दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में उन्होंने कहा है कि सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की नौकरियों में उम्मीद से पहले ही बड़ा बदलाव आ सकता है। डारियो अमोडेई के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अगले छह से बारह महीनों में ज़्यादातर सॉफ्टवेयर कोडिंग के कामों की जगह ले सकता है।

    काम और समाज को बदल रहा AI

    डारियो अमोडेई ने दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में बोलते हुए यह बात की है। दरअसल, यहां एक खास सेशन पर चर्चा हुई, जिसका विषय था कि AI काम और समाज को कैसे बदल सकता है। इस दौरान उन्होंने कहा कि एंथ्रोपिक के अंदर, इंजीनियरों ने पहले ही अपने काम करने का तरीका बदल दिया है। लाइन-बाय-लाइन कोड लिखने के बजाय, अब कई लोग कोड जेनरेट करने के लिए AI मॉडल पर निर्भर हैं और फिर अपना समय उसे रिव्यू करने और एडजस्ट करने में बिताते हैं।

    अमोदेई के अनुसार, यह तरीका पहले से ही समय बचा रहा है और डेवलपमेंट को तेज़ कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगला कदम, जिसमें AI शुरू से आखिर तक पूरी कोडिंग प्रोसेस को संभालेगा, ज़्यादा दूर नहीं है। उनके विचार में, मॉडल इतनी तेज़ी से बेहतर हो रहे हैं कि वे जल्द ही लगभग वह सब कुछ कर सकते हैं जो एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर करता है।

    टेक इंडस्ट्री में जॉब सिक्योरिटी से जुड़ी चिंताएं बढ़ीं

    अमोदेई के अनुसार, यह तरीका पहले से ही समय बचा रहा है और डेवलपमेंट को तेज़ कर रहा है। ऐस में वह दिन दूर नहीं है जब AI शुरू से आखिर तक पूरी कोडिंग प्रोसेस को संभालेगा। यह मॉडल इतनी तेज़ी से बेहतर हो रहे हैं कि वे जल्द ही लगभग वह सब कुछ कर सकते हैं जो एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर करता है।

    खबरें और भी

    ये भी पढ़ें- कौन हैं Zomato के नए CEO अलबिंदर ढींडसा, 10000 करोड़ के मालिक; दीपिंदर गोयल को बेची थी अपनी कंपनी

    एआई टर्नराउंड स्टोरी को लेकर पहले से ही टेक इंडस्ट्री में जॉब सिक्योरिटी को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं और अब इस बयान से नई चिंता पैदा हो गई है। दरअसल,कोडिंग को लंबे समय से एक स्टेबल और वैल्यूएबल स्किल माना जाता रहा है, लेकिन AI टूल्स बिना फॉर्मल ट्रेनिंग वाले लोगों के लिए सॉफ्टवेयर बनाना आसान बना रहे हैं।