सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    सरकार ने इन FAKE Banking और Trading Apps को लेकर किया आगाह, यूजर्स को दी चेतावनी

    Updated: Mon, 22 Apr 2024 11:03 AM (IST)

    Government Warning on Fake Apps वर्तमान में कई फर्जी बैंकिंग और ट्रेडिंग ऐप्स के जरिये फ्रॉड हो रहे हैं। इस तरह के फ्रॉड को लेकर आए दिन सरकार द्वारा च ...और पढ़ें

    सरकार ने इन FAKE Banking और Trading Apps को लेकर किया आगाह
    सरकार ने इन FAKE Banking और Trading Apps को लेकर किया आगाह

    बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। वर्तमान में कई तरह के फर्जी बैंकिंग ऐप्स और ट्रेडिंग ऐप्स (Spam Apps) है। इन फर्जी ऐप्स के चक्कर में कई लोगों के साथ साइबर फ्रॉड भी हो गया है। इस तरह के साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए भारत सरकार द्वारा कई कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

    एक बार फिर से सरकार ने फर्जी ऐप्स (Government Warning on Fake Apps) को लेकर यूजर को चेतावनी गई है। इन ऐप्स (Fake Apps list) की जानकारी गृह मंत्रालय द्वारा संचालित साइबर सुरक्षा और साइबर सुरक्षा जागरूकता हैंडल साइबर दोस्त ने दी है।

    फेक बैंकिंग ऐप्स (Fake Banking Apps)

    सरकार ने एंड्रॉइड स्मार्टफोन यूजर्स को यूनियन बैंक (Union Bank) के फर्जी ऐप को लेकर सावधान किया है। यूनियन-रिवार्ड्स.एपीके (Union-Rewards.apk) नाम का यह ऐप फेक है। यह पूरी तरह से यूनियन बैंक की ऑफिशियल ऐप की कॉपी करता है। इस फेक ऐप में यूजर को रिवॉर्ड देने का दावा किया जाता है।

    यह भी पढ़ें- Pink Tax: क्या है पिंक टैक्स, महिलाएं अनजाने में कर रही इसका भुगतान, सरकार नहीं कंपनियां करती हैं वसूली

    फेक ट्रेडिंग ऐप्स (Fake Trading Apps)

    कई फेक ट्रेडिंग ऐप्स (Fake Trading Apps) है जिसके जरिये फ्रॉड किये जा रहे हैं। देशभर के कई नागरिकों को इन ऐप्स से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। भारत सरकार ने आईफोन (iPhone) यूजर को फर्जी स्टॉक ट्रेडिंग ऐप को लेकर चेतावनी दी है। ग्रुप-एस ऐप (Group-S app) एक फेक ऐप है।

    खबरें और भी

    ये ऐप्स भी हैं फेक

    INSECG, CHS-SES, SAAI, SEQUOIA और GOOMI नाम के ऐप्स भी फर्जी है। ये सभी ऐप्स भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के तहत पंजीकृत नहीं है। ये ऐप्स यूजर को सिफारिशों के आधार पर स्टॉक ट्रेडिंग करवाते हैं। इन ऐप्स का इस्तेमाल करके यूजर जो शेयर खरीदता है वो जालसाजों के बैंक अकाउंट में जाता है।

    ऐसे में इन ऐप्स को लेकर सेबी ने भी निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। सेबी ने निवेशकों को कहा है कि वह सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप, टेलीग्राम चैनल या ऐप के जरिये मिलने वाले संदेश से दूर रहे।

    Yono App को लेकर फैल रही थी अफवाह

    पिछले साल के अंत में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बैंकिंग ऐप्स योनो (YONO) को लेकर भी यूजर्स के पास कई मैसेज आ रहे थे। बता दें कि योनो ऐप एसबीआई का मोबाइल ऐप है। इन मैसेज में कहा जा रहा था कि एसएमएस में शो हो रहे लिंक पर क्लिक करके यूजर जल्द से जल्द अपने पैन कार्ड (Pan Card) को बैंक अकाउंट से लिंक कर दें। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो उनका अकाउंट बंद हो जाएगा।

    अकाउंट बंद होने के डर से कई यूजर ने मैसेज में शो हो रहे फिसिंग लिंक (Phishing Link) पर क्लिक कर दिया था। लिंक पर क्लिक करने के बाद उनके बैंक अकाउंट से राशि कट गई थी, यानी कि उनके साथ फ्रॉड हो गया था।

    इस तरह के मैसेज को लेकर भारत सरकार के फैक्ट चेक विभाग (पीआईबी फैक्ट चेक) ने एसबीआई बैंक होल्डर को चेतावनी दी। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में यूजर को कहा कि पैन कार्ड को अपडेट करवाने को लेकर जारी मैसेज पूर्ण रूप से फेक है।

    यह भी पढ़ें- Gold Storage Limit In India: घर पर केवल इतना ही रख सकते हैं सोना, लिमिट से ज्यादा रखने पर देना होगा हिसाब