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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सन फार्मा व हेटेरो ने अमेरिकी बाजार से अपनी दवा मंगाई वापस, मैन्यूफैक्चरिंग मुद्दे बने कारण

By AgencyEdited By: Shashank Mishra
Published: Sun, 23 Apr 2023 08:43 PM (IST)Updated: Sun, 23 Apr 2023 11:40 PM (IST)

सन फार्मास्युटिकल इंक ने नोरपीनेफ्राइन बिटाट्र्रेट इंजेक्शन की 16450 शीशियों को वापस मंगाया- हेटेरो यूएसए इंक ने पैंटोप्राजोल सोडियम टैबलेट ...और पढ़ें

भारत ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में 1,75,040 करोड़ रुपये के फार्मास्यूटिकल्स का निर्यात किया।
भारत ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में 1,75,040 करोड़ रुपये के फार्मास्यूटिकल्स का निर्यात किया।

नई दिल्ली, पीटीआई। दवा निर्माता सन फार्मा और हेटेरो ने मैन्यूफैक्चरिंग मुद्दों के चलते अमेरिकी बाजार से अपनी दवा वापस मंगाई हैं। यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (यूएसएफडीए) ने ये यह जानकारी दी। अमेरिकी स्वास्थ्य नियामक की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज की यूएस आधारित शाखा वयस्क रोगियों में रक्तचाप बढ़ाने वाली अपनी जेनरिक दवा को वापस ले रही है।

अन्नप्रणाली के इलाज वाली दवा को वापस ले रही कंपनी

प्रिंसटन (न्यू जर्सी) स्थित सन फार्मास्युटिकल इंक ने नोरपीनेफ्राइन बिटाट्र्रेट इंजेक्शन की 16,450 शीशियों को वापस मंगाया है। यूएसएफडीए ने कहा कि प्रभावित लाट हैदराबाद स्थित ग्लैंड फार्मा द्वारा निर्मित किया गया है और सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज द्वारा अमेरिका में वितरित किया गया है। यूएसएफडीए ने कहा कि हेटेरो लैब्स की यूएस-आधारित शाखा पेट और अन्नप्रणाली की कुछ समस्याओं के इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली दवा को वापस ले रही है।

दवा निर्माता कंपनी पैंटोप्राजोल सोडियम टैबलेट की 2,352 शीशियां वापस ले रही है। इसने कहा कि न्यू जर्सी स्थित केम्बर फार्मास्युटिकल्स इंक के लिए हेटेरो लैब्स द्वारा इस लाट का उत्पादन किया गया था। हेटेरो यूएसए इंक ने इस साल 14 मार्च को क्लास टू रिकाल की शुरुआत की थी।

भारत ने 1,75,040 करोड़ रुपये के फार्मास्यूटिकल्स का किया निर्यात

यूएसएफडीए के अनुसार, क्लास-2 रिकाल ऐसी स्थिति में शुरू किया जाता है, जिसमें किसी दवा के उपयोग या उसके संपर्क में आने से अस्थायी या चिकित्सकीय रूप से प्रतिकूल स्वास्थ्य परिणाम पड़ सकता है। बता दें कि भारत ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में 1,75,040 करोड़ रुपये के फार्मास्यूटिकल्स का निर्यात किया, जिसमें बल्क ड्रग्स/ड्रग इंटरमीडिएट शामिल हैं।

 

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