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    रतन टाटा के जाने के बाद से खत्म नहीं हो रही समूह की मुश्किलें, अब इस ट्रस्ट में शुरू हो सकता है विवाद; कब थमेगा तूफान?

    Updated: Wed, 18 Feb 2026 08:50 AM (IST)

    टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट (Tata Education and Development Trust) में ट्रस्टीशिप रिन्यूअल को लेकर नया विवाद सामने आया है। वेणु श्रीनिवासन और वि ...और पढ़ें

    टाटा एजुकेशन ट्रस्ट में बढ़ सकती है टेंशन

    टाटा एजुकेशन ट्रस्ट में बढ़ सकती है टेंशन

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    नई दिल्ली। टाटा ट्रस्ट्स में एक बार फिर से ट्रस्टीशिप रिन्यूअल पर विवाद (Tata Trusts Governance Tensions) सामने आया है। टाटा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट ट्रस्ट (TEDT) में ट्रस्टीशिप रिन्यूअल को लेकर तनाव का खुलासा हुआ है। बता दें कि यह टाटा का एक अहम ट्रस्ट है, जिसकी टाटा संस में कोई हिस्सेदारी नहीं है। दरअसल ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह का टर्म लगभग दो महीने में रिन्यू होना है। मगर अनुमान लगाया जा रहा है कि शायद उनके रिन्यूअल को मंजूरी न मिले, क्योंकि एक्सटेंशन के लिए बोर्ड की एकमत से मंजूरी जरूरी होती है।

    कौन बन सकता है रिन्यूअल में अड़चन?

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार TEDT के लाइफ ट्रस्टी मेहली मिस्त्री, श्रीनिवासन और सिंह के प्रस्तावित रिन्यूअल को रोक सकते हैं। रिन्यूअल न होने का मतलब होगा कि ट्रस्टियों के बीच दुश्मनी और कड़वाहट कम नहीं हुई है।
    बता दें कि हाल ही में TEDT की एक मीटिंग में, मेहली मिस्त्री ने टाटा ट्रस्ट्स में वाइस-चेयरमैन का पद खत्म करने का मुद्दा उठाया था। उनका तर्क था कि ट्रस्ट डीड में ऐसी भूमिका का कोई प्रोविजन नहीं है। दूसरे ट्रस्टी, जिनमें नोएल टाटा, मेहली मिस्त्री और जहांगीर मिस्त्री शामिल हैं, लाइफ टर्म पर हैं, जिससे आने वाले रिन्यूअल को लेकर सेंसिटिविटी बढ़ गई है।

    कई ट्रस्टी दे चुका इस्तीफा

    दरअसल ये मामला महाराष्ट्र सरकार के 2025 के उस ऑर्डिनेंस को नोटिफाई करने के बाद और भी अहम हो गया है, जिसमें पब्लिक ट्रस्ट के लिए गवर्नेंस के नियम कड़े कर दिए गए और ट्रस्टी के अपॉइंटमेंट और रिन्यूअल की जांच बढ़ा दी गई है।
    बता दें कि मेहली मिस्त्री ने सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टी के पद से इस्तीफा दे दिया था, क्योंकि पिछले साल 28 अक्टूबर को ज्यादातर ट्रस्टियों ने उनकी दोबारा नियुक्ति को मंजूरी नहीं दी थी। सितंबर 2025 के विवाद के बाद से ट्रस्टियों के बीच टकराव जारी है, जब कई वजहों से तीखे मतभेदों के चलते कई ट्रस्टियों को पद छोड़ना पड़ा था।

    ₹5,000 करोड़ का है TEDT

    लगभग एक दशक पहले शुरू हुआ TEDT, लगभग ₹5,000 करोड़ का फंड मैनेज करता है। साथ ही ये हायर एजुकेशन, स्कॉलरशिप और कैपेसिटी बिल्डिंग पर फोकस करता है।

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