टाटा के नए बिजनेस के लिए चंद्र ने तैयार किया 3 साल का 'ब्लूप्रिंट', कैसे होगा मुनाफा?
टाटा संस के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन ने कंपनी के नए व्यवसायों में घाटे को कम करने के लिए तीन साल का रोडमैप प्रस्तुत किया। यह निर्णय बोर्ड बैठक में नए उद् ...और पढ़ें

HighLights
चंद्रशेखरन ने नए व्यवसायों के लिए 3 साल का रोडमैप दिया।
एयर इंडिया सहित नए उद्यमों में भारी घाटे पर चर्चा हुई।
बोर्ड बैठक में ₹29,000 करोड़ के अनुमानित घाटे पर चिंता।
कल मंगलवार को टाटा की एक लंबी बोर्ड बैठक हुई। इसमें टाटा संस के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन ने मंगलवार को कंपनी के नए व्यवसायों में घाटे को कम करने के लिए तीन साल का रोडमैप प्रस्तुत किया। यह जानकारी रीबा ज़ाचरिया की रिपोर्ट में दी गई है। हालांकि अभी तक टाटा संस के अध्यक्ष एन चंद्रशेखरन का पुनर्नियुक्ति का मामला ठीक नहीं हुआ है।
टाटा समूह के मुख्यालय बॉम्बे हाउस में आयोजित इस बैठक में तीन व्यवसायों - एयर इंडिया, टाटा डिजिटल और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स पर चर्चा हुई। यह बैठक सुबह 10 बजे से शाम 4.30 बजे तक चली इस साढ़े छह घंटे की बैठक में सभी निदेशक शारीरिक रूप से उपस्थित थे।
नोएल ने पूछे थे घाटे पर कई सवाल
एन चंद्रशेखरन के साथ पांच नए उद्यमों - टाटा डिजिटल, एयर इंडिया, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी निर्माता अग्रतास और दूरसंचार उपकरण निर्माता तेजस नेटवर्क्स - के प्रमुखों ने नए व्यवसायों के रोडमैप पर चर्चा करने के लिए टाटा संस बोर्ड की एक लंबी बैठक में भाग लिया।
अधिकांश प्रश्न नोएल और स्वतंत्र निदेशक हरीश मनवानी से पूछे गए। वहीं टाटा ट्रस्ट्स के उपाध्यक्ष वेणु श्रीनिवासन ने भी सत्र के दौरान अपनी राय रखी।
फरवरी में हुई बोर्ड बैठक में नोएल ने नए उद्यमों द्वारा खर्च की जा रही पूंजी की मात्रा और उनके घाटे के पैमाने पर कई सवाल किए। इसके बाद अब 26 मई मंगलवार को यह बैठक रखी गई है।
कितना हुआ घाटा?
एक अनुमान के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में नए व्यवसायों का संयुक्त घाटा 29,000 करोड़ रुपये से अधिक था, जो पहले के 5,700 करोड़ रुपये के अनुमान से पांच गुना अधिक था, जिसमें एयर इंडिया का हिस्सा सबसे बड़ा था।