सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 05, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बजट सत्र में नहीं होगी कोई कटौती

By Rajesh KumarEdited By:
Updated: Fri, 05 Feb 2016 03:59 AM (IST)

चार राज्यों में विधानसभा चुनावों का संसद के बजट सत्र पर कोई असर नहीं पड़ेगा। चुनाव वाले राज्यों के सभी दलों के नेताओं से बातचीत में संसद सत्र को हरी झंडी मिलने के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में फैसला लिया गया.

News Article Hero Image

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों का संसद के बजट सत्र पर कोई असर नहीं पड़ेगा। चुनाव वाले राज्यों के सभी दलों के नेताओं से बातचीत में संसद सत्र को हरी झंडी मिलने के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 23 फरवरी से 13 मई तक संसद का बजट सत्र बुलाए जाने पर मुहर लगा दी। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पांडिचेरी में विधानसभा चुनावों के मद्देनजर संसद सत्र की तारीखों में फेरबदल और समय में कटौती के कयास लगाए जा रहे थे।

पहले इन पांचों राज्यों में मौजूद सभी दलों के नेताओं के साथ संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने बैठक की। सभी दलों की हरी झंडी मिलने के बाद सरकार ने राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक बुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल्ली से बाहर होने के चलते गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस की अध्यक्षता की। इस बैठक के बाद संसदीय मंत्री वेंकैया नायडू ने प्रेसवार्ता कर बताया कि सत्र 23 फरवरी को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा दोनों सदनों के सदस्यों को संबोधित किए जाने के साथ शुरु होगा। इसके बाद रेल बजट 25 फरवरी को व आर्थिक सर्वेक्षण 26 को फरवरी पेश किया जाएगा, जबकि आम बजट 29 फरवरी को पेश होगा।

कुल 81 दिन तक चलने वाले इस सत्र में कुल 31 बैठकें होंगी। केरल, तमिनलाडू, पुडुचेरी, पश्चिम बंगाल और असम के विधानसभा चुनावों की बाधाओं को मद्देनजर रखते हुए सत्र की तारीखों को तय किया गया है। हालांकि स्थायी समिति द्वारा विभिन्न मंत्रालयों द्वारा आए बजट प्रस्तावों की जांच के लिए 13 मार्च से 24 अप्रैल तक अवकाश रखा गया है। बैठक में अरुण जेटली, वेंकैया नायडू, नजमा हेपतुल्ला, रामविलास पासवान, स्मृति ईरानी औऱ मुख्तार अब्बास नकवी मौजूद थे।

इससे पहले विभिन्न दलों के नेताओं से मुलाकात की और पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की तारीखों को लेकर उनके विचार जाने। हालांकि, नायडू ने कहा कि सत्र की तारीखों को दलों के सुझावों के आधार पर समायोजित भी किया जा सकता है। साथ ही लोकसभा स्पीकर व राज्यसभा उपसभापति के राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन में भाग लेने की तारीखों को ध्यान में रखते हुए सत्र का समय तय किया गया है।

अन्य दलों के साथ सरकार की बैठक में कांग्रेस की तरफ से गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा और दीपेंद्र हुड्डा, सपा से राम गोपाल यादव, जदयू से शरद यादव और श्री केसी त्यागी, बीजेडी से भर्तृहरि महताब, बसपा से अंबेथ राजन, टीएमसी से डेरेक ओ ब्रायन और एआईएडीएमके से डॉ वेणुगोपाल ने शिरकत की।