यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 28, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
PM Kisan Update: किसानों को सरकार देती है 2 करोड़ तक का लोन, पाने के लिए करना होगा बस इतना काम
PM Kisan Update पीएम किसान योजना या पीएम किसान सम्मान निधि के अलावा भी कई ऐसी योजनाएं हैं जो किसानों के लिए वरदान हैं। सरकार एग्रीकल्चरल इंफ्रास्ट्रक् ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। किसानों के कल्याण के लिए सरकार बहुत-सी योजनाएं चलाती है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना इनमें बहुत लोकप्रिय है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके अलावा भी सरकार ने कई ऐसी योजनाएं चलाई हैं जो किसानों के बहुत काम आ सकती हैं। आज हम आपको एक ऐसी ही योजना के बारे में बता रहे हैं, जिसमें किसानों को दो करोड़ तक का लोन मिलता है।
कृषि के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 1 लाख करोड़ रुपये के कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ) के गठन की घोषणा की थी। सरकार ने प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों, किसान उत्पादक संगठनों, कृषि उद्यमियों और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए एआईएफ बनाया था। पीएम-किसान कार्यक्रम के तहत सूचीबद्ध इस योजना का उद्देश्य किसानों के लिए मध्यम अवधि के कर्ज की व्यवस्था करना है।
किसको मिलता है योजना का लाभ
AIF को 8 जुलाई, 2020 को कटाई के बाद के फसलों के प्रबंधन, खेती के बुनियादी ढांचे में सुधार और सामुदायिक कृषि परिसंपत्तियों के लिए लॉन्च किया गया था। इसमें 3% ब्याज सबवेंशन और क्रेडिट गारंटी सहित कई तरह के लाभ शामिल हैं। यह सबवेंशन अधिकतम 7 साल की अवधि के लिए उपलब्ध होगा।

सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई) योजना के तहत पात्र लेनदारों को क्रेडिट गारंटी कवरेज योजना के तहत 2 करोड़ तक का लोन दिया जाएगा। इस कवरेज के लिए शुल्क का भुगतान सरकार द्वारा किया जाएगा।
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एआईएफ योजना के अंतर्गत आने वाली परियोजनाएं
फसल कटाई के बाद उसकी देख-रेख से संबंधित परियोजनाएं, ई-मार्केटिंग प्लेटफॉर्म, वेयरहाउस, पैकिंग हाउस, टेस्टिंग यूनिट्स, ग्रेडिंग इकाइयां, कोल्ड चेन, रसद सुविधाएं और सेवाएं एआईएफ के दायरे में आती हैं। जैविक इनपुट उत्पादन, जैव उत्पादन इकाइयां, स्मार्ट कृषि के लिए बुनियादी ढांचा और निर्यात समूह आदि भी इसके दायरे में आते हैं। सामुदायिक कृषि परिसम्पत्तियों का निर्माण भी इन योजनाओं का एक हिस्सा है।
कौन है पात्र?
बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस), मार्केटिंग सहकारी समितियों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), किसानों को मल्टीपरपज लोन के रूप में 1 लाख करोड़ रुपये प्रदान किए जाते हैं। सहकारी समितियां, कृषि-उद्यमी, स्टार्टअप और केंद्रीय/राज्य एजेंसी या स्थानीय निकाय द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम के तहत किसानों को कृषि कार्यों के लिए लोन दिया जाता है।
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उधार देने वाली संस्थाएं नाबार्ड और निगरानी समितियों, पीएमयू के परामर्श और परियोजनाओं की व्यवहारिकता को ध्यान में रखते हुए और बैड लोन लोन से बचने के लिए पात्र उधारकर्ता के चयन के लिए मानदंड तय करती हैं।
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