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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बैंकिंग सेक्टर में पिछले 9 साल के अंदर हुआ जबरदस्त डेवलपमेंट, SBI ने रिपोर्ट में किए कई खुलासे

    By Jagran NewsEdited By: Rammohan Mishra
    Updated: Fri, 20 Oct 2023 08:31 PM (IST)

    बैंकिंग सेक्टर के कारोबार में 63 सालों में जितना विकास नहीं हुआ उससे अधिक विकास पिछले 9 वर्षों में हुआ है। ये खुलासा एसबीआइ की एक रिपोर्ट में किया गया ...और पढ़ें

    Banking Sector ने पिछले 9 वर्षों में बेहतर विकास किया है।
    Banking Sector ने पिछले 9 वर्षों में बेहतर विकास किया है।

    राजीव कुमार, नई दिल्ली। बैंकिंग सेक्टर के कारोबार में 63 सालों में जितना विकास नहीं हुआ उससे अधिक विकास पिछले 9 वर्षों में हुआ है। ये खुलासा एसबीआइ की एक रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 1951 से लेकर मार्च, 2014 तक बैंकों ने 142 लाख करोड़ रुपए का कारोबार किया, जिसमें ऋण देने से लेकर जमा लेने का कारोबार शामिल है।

    बैंको ने किया 187 लाख करोड़ रुपये का कारोबार

    मार्च 2014 से लेकर वर्ष 2023 के मार्च तक बैंकों ने ऋण देने व जमा लेने के मद में 187 लाख करोड़ रुपये का कारोबार किया। यानी कि बैंकों ने पिछले नौ साल में गत 63 सालों के मुकाबले 1.3 गुना अधिक कारोबार किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंकिंग सेक्टर के विकास से यह पता चलता है कि हमारी अर्थव्यवस्था बढ़ोतरी की ओर है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंकिंग सेक्टर की स्थिति मजबूत होती जा रही है और अब असुरक्षित लोन भी कम होते जा रहे हैं।

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    पहले के मुकाबले लिया जा रहा ज्यादा कर्ज

    मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी से बैंकों से पहले के मुकाबले अधिक कर्ज लिए जा रहे हैं। वर्ष 2022 से बैंकों से लिए जाने वाले कर्ज में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वर्ष 2022 से लेकर इस साल सितंबर तक बैंकों में होने वाले डिपोजिट में 13.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही जबकि बैंकों के लोन में 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी है।

    त्योहारी सीजन पर बढ़ेगी मांग

    त्योहारी सीजन की वजह से अभी कर्ज की मांग में तेजी रहेगी। रिपोर्ट के मुताबिक 98 प्रतिशत पर्सनल लोन 50,000 रुपए या इससे अधिक रकम के होते हैं। सिर्फ दो प्रतिशत लोन ही 50,000 रुपए से कम वाले होते हैं और ये दो प्रतिशत वाले लोन ही अधिक असुरक्षित होते हैं। पर्सनल लोन में सबसे अधिक हिस्सेदारी हाउसिंग और ऑटो की है और दोनों ही लोन की अवधि बड़ी होती है और ये सुरक्षित लोन माने जाते हैं।

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