दिल्ली के कारोबारी का बड़ा दावा, "ट्रक ड्राइवरों की कमाई IT प्रोफेशनल से ज्यादा"; समझा दिया पूरा कैलकुलेशन
दिल्ली के उद्यमी दमन सिंह ने दावा किया है कि उनके हैवी-ड्यूटी ट्रक ड्राइवर मेट्रो शहरों के एंट्री-लेवल सॉफ्टवेयर डेवलपर्स से ज़्यादा कमाते हैं। वे अपन ...और पढ़ें

दिल्ली के कारोबारी ने ट्रक ड्राइवरों की कमाई पर किया बड़ा दावा

समय कम है?
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नई दिल्ली। अकसर नौकरी करने वाले लोग छोटे-मोटे कारोबारियों की इनकम को लेकर अनुमान लगाते हैं। जैसे किसी ऑटो में बैठे, तो सोचने लगते हैं कि ये ऑटो वाला कितना कमाता होगा। किसी ढाबे पर खाना खाया तो ख्याल आता है कि ढाबे वाला तो हर महीने लाखों छापता होगा। फिर मन में तुलना शुरू हो जाती है कि पढ़-लिखकर डिग्री हासिल करके मैं इतना कमा रहा हूं और ये बिना पढ़ाई वाले प्रोफेशन में इतना।
इसी गुत्थी को दिल्ली के एक एंटरप्रेन्योर ने चर्चा का विषय बना दिया है। इस कारोबारी ने कहा है कि उनके बिजनेस में काम करने वाले हेवी-ड्यूटी ट्रक ड्राइवर, मेट्रोपॉलिटन शहरों (बेंगलुरु आदि) में काम करने वाले एंट्री-लेवल सॉफ्टवेयर डेवलपर्स के मुकाबले ज्यादा कमाते हैं।
क्यों बन गया चर्चा का विषय?
दिल्ली के दमन सिंह अपने परिवार का लॉजिस्टिक्स बिजनेस चलाते हैं। एक इंस्टाग्राम पोस्ट में, सिंह ने मैनुअल और ट्रांसपोर्ट से जुड़े कामों को लेकर मौजूदा सोच को चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि कमाई का अंदाजा सोशल स्टेटस के बजाय प्रैक्टिकल फाइनेंशियल नतीजों के आधार पर लगाया जाना चाहिए।
उन्होंने लिखा, "हर कोई ब्लू-कॉलर काम को नीची नज़र से देखता है। लेकिन मैथ आपके ईगो की परवाह नहीं करता।"
कमाई को लेकर किया बड़ा दावा
सिंह ने अपनी पोस्ट में एक नए IT प्रोफेशनल और एक एलीट हेवी-ड्यूटी ट्रक ड्राइवर की कमाई के बीच तुलना की। उनके अनुसार, किसी बड़े भारतीय शहर में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में करियर शुरू करने वाला ग्रेजुएट आमतौर पर हर महीने 40,000 रुपये कमाता है।
अब इस 40,000 रुपये में से PG/किराए के लिए 30% माइनस कीजिए, फिर टैक्स घटाइए और जोमैटो (ऑनलाइन फूड बिल) बिल घटाइए और महीने के आखिर में उनके पास 5,000 रुपये बचते हैं।
उन्होंने इसकी तुलना अपने ट्रांसपोर्ट ऑपरेशन के ड्राइवरों से की। उन्होंने लिखा, “एक एलीट हेवी-ड्यूटी ट्रक पायलट 45-55 हजार रुपये कैश में घर ले जाता है। कोई किराया नहीं। कोई इनकम टैक्स नहीं। वह अपने गांव में घर बना रहा है जबकि इंजीनियर iPhone के लिए EMI भर रहा है।” उनकी पोस्ट से जाहिर है कि वे बचत पर फोकस कर रहे हैं।
'ईगो छोड़ो, स्किल की इज्जत करो'
सिंह ने दावा किया कि फॉर्मल कॉरपॉरेट माहौल के बाहर भी काफी फाइनेंशियल मूवमेंट हो रहा है। उन्होंने कहा, “अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर में पैसे का बड़े पैमाने पर ट्रांसफर हो रहा है, और लोग ट्रकों पर लगी गंदगी को देखने में इतने बिजी हैं कि बैंक में पैसे पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।”
उन्होंने अपनी बात इस सलाह के साथ खत्म की: “अपना ईगो छोड़ो। स्किल की इज्जत करो,”। उन्होंने इस पर एक वीडियो भी शेयर किया।