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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Turkey Boycott: भारत ने किया 'ट्रेड और ट्रैवल' का प्रहार, जानिए तुर्किये को कितना होगा नुकसान?

    Updated: Thu, 15 May 2025 10:00 AM (IST)

    बीते दिनों भारत-पाकिस्तान के बीच लड़ाई में तुर्किये ने पाकिस्तान का खुलकर साथ दिया। उसने भारत पर हमले के लिए पाक को ड्रोन भी उपलब्ध कराए। जिसके बाद से ...और पढ़ें

    बहिष्कार से तुर्किये की अर्थव्यवस्था कितना होगा असर? क्या भारत को भी है कोई नुकसान
    बहिष्कार से तुर्किये की अर्थव्यवस्था कितना होगा असर? क्या भारत को भी है कोई नुकसान

    बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच बीते दिनों वार की स्थिति बन गई थी। दोनों ही देश एक दूसरे पर ड्रोन से हमले कर रहे थे। इस बीच खबर आती है कि पाकिस्तान को हमले के लिए ड्रोन तुर्किये द्वारा भेजे गए हैं। गौरतलब है कि तुर्किये को भारत द्वारा कई बार सहायता प्रदान की गई है।

    जिसके बाद से ही तुर्किये के इस बर्ताव को दोस्ती में गद्दारी और विश्वासघात का नाम दिया गया। अब स्थिति बहिष्कार तक पहुंच गई है।

    ट्रेवल से किया प्रहार

    चर्चित उद्योगपति हर्ष गोयनका ने ट्वीट कर कहा भारतीयों ने  तुर्किये और अजरबैजान को 4000 करोड़ रुपए ज्यादा पर्यटन के जरिए दिए। लेकिन आज यह दोनों देश पाकिस्तान के साथ खड़े हैं। 

    गोयनका ने भारतीयों से अपील करते हुए कहा, भारत और दुनिया में ढेरों खूबसूरत जगहें हैं। कृपया इन दो देशों का बहिष्कार करें।  

    तुर्किये की अर्थव्यवस्था को भारतीय पर्यटकों से बड़ा योगदान मिलता है। इस बीच सैकड़ों भारतीयों ने तुर्किये और अजरबैजान की यात्रा रद्द कर दी है। इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक लगभग 6 दिन में ही भारत की ओर से 50 फीसदी से ज्यादा बुकिंग केंसिल हो चुकी है।

    ट्रैवल कंपनी मेकमाइट्रिप के प्रवक्ता ने बताया कि भारत के लोगों ने तुर्किये का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया है। लगभग एक हफ्ते के भीतर ही तुर्किये और अजरबैजान की 60 फीसदी बुकिंग कैंसिल हो चुकी है।

    इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम अपने देश और आर्मी के साथ खड़े हैं। इसके अलावा हम तुर्किये और अजरबैजान में जाने वाली बुकिंग में हो रही कैंसलिंग का पूरी तरह से समर्थन करते हैं। हमने अपने प्लेटफॉर्म में तुर्किये और अजरबैजान से संबंधित ट्रेवल ऑफर भी बंद कर दिए हैं।

    कैट ने भी किया बहिष्कार का समर्थन

    भारत के व्यापारियों के संगठन कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ( कैट) ने भी चीन, तुर्किये तथा अज़रबेजान को बहिष्कार करने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि इन देशों ने पाकिस्तान को खुला समर्थन दिया है। इसके साथ ही कैट ने ये फैसला किया है कि वे ट्रैवल एंड टूर ऑपरेटर्स संगठनों के साथ इस अभियान को और मजबूत करने का प्रयास करेगा। विभिन्न अन्य संबंधित वर्गों से सम्पर्क कर इस अभियान को तेज करेगा

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    कैट के राष्ट्रीय महामंत्री तथा चाँदनी चौक से सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि वर्ष 2024 के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार तुर्किये में कुल विदेशी आगमन 62.2 मिलियन पर्यटक का था, जिसमें अकेले भारत से ही लगभग 3 लाख पर्यटक थे।

    तुर्किये के ट्रेड पर गहरा असर

    वित्त वर्ष 2023- 2024 में भारत ने तुर्किये से 2,482 वस्तुओं का आयात किया था। ये आयात कुल मिलाकर 3.78 अरब अमेरिकी डॉलर का हुआ। भारत द्वारा तुर्किये से कई वस्तु आयात किए जाते हैं। इनमें नमक और प्लास्टरिंग सामग्री (235 मिलियन अमेरिकी डॉलर), अकार्बनिक रसायन (188 मिलियन अमेरिकी डॉलर) खनिज ईंधन और तेल (1.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर), परमाणु रिएक्टर और पुर्जे (311 मिलियन अमेरिकी डॉलर), प्राकृतिक और कीमती मोती (132 मिलियन अमेरिकी डॉलर), पशु उत्पाद (149 मिलियन अमेरिकी डॉलर) आदि शामिल हैं।

    इस बीच भारतीय व्यापारियों ने तुर्किये से सेब मंगाने से इनकार किया। व्यापारियों का कहना है कि तुर्किये, पाकिस्तान को ड्रोन भेजता है। ये कह सकते है कि भारत के इस ट्रेड और ट्रेवलिंग बहिष्कार से तुर्किये पर गहरा असर होगा।

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