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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Uday Kotak Profile: कहानी देश के सबसे अमीर बैंकर की, जिसने बनाया कोटक महिंद्रा बैंक

    By Gaurav KumarEdited By: Gaurav Kumar
    Updated: Sat, 02 Sep 2023 11:11 PM (GMT+05:30)

    कोटक महिंद्रा बैंक के सीईओ और प्रबंध निदेशक उदय कोटक ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बैंक ने आज स्टॉक एक्सचेंज के में इसकी घोषणा की। उदय कोटक देश के ...और पढ़ें

    उदय कोटक देश के सबसे अमीर बैंकर हैं और उनके इस्तीफे के बाद आज उनकी चर्चा खूब हो रही है।
    उदय कोटक देश के सबसे अमीर बैंकर हैं और उनके इस्तीफे के बाद आज उनकी चर्चा खूब हो रही है।

    HighLights

    1. उदय कोटक का जन्म 15 मार्च 1959 को हुआ था।
    2. उदय कोटक ने सन 1985 में कोटक कैपिटल मैनेजमेंट फाइनेंस लिमिटेड नामक एक फाइनेंस फर्म शुरू की।
    3. 22 मार्च 2003 को, कोटक महिंद्रा फाइनेंस लिमिटेड को भारतीय रिजर्व बैंक से बैंकिंग लाइसेंस प्राप्त हुआ।

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क: कोटक महिंद्रा बैंक के सीईओ और एमडी उदय कोटक ने आज अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बैंक ने एक स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में आज यह जानकारी दी।

    उदय कोटक देश के सबसे अमीर बैंकर हैं और उनके इस्तीफे के बाद आज उनकी चर्चा खूब हो रही है। चलिए एक नजर डालते है उनके जीवन पर।

    क्रिकेटर बनना चाहते थे उदय कोटक

    उदय कोटक का जन्म 15 मार्च 1959 को हुआ था। 1970 के दशक में मुंबई में पले-बढ़े उदय कोटक एक क्रिकेटर बनने की इच्छा रखते थे और उन्होंने महान कोच रमाकांत आचरेकर से प्रशिक्षण लिया। हालांकि फील्ड में लगी चोट के कारण उन्हें वित्त की ओर रुख करना पड़ा।

    देश के हैं सबसे अमीर बैंकर

    कोटक महिंद्रा बैंक के 64 वर्षीय संस्थापक-प्रवर्तक कोटक, बैंक में 26 प्रतिशत हिस्सेदारी के कारण देश के सबसे अमीर बैंकर हैं, जिसका मूल्य शुक्रवार को बाजार बंद होने तक 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक था।

    1985 में की शुरुआत

    उदय कोटक ने सन 1985 में कोटक कैपिटल मैनेजमेंट फाइनेंस लिमिटेड नामक एक फाइनेंस फर्म शुरू की। इसके बाद उन्होंने 2003 में इसे एक बैंक में बदल दिया।

    उदय ने अपना वित्त और बिल डिस्काउंटिंग व्यवसाय परिवार और दोस्तों से उधार ली गई प्रारंभिक पूंजी से शुरू किया। निवेश का बड़ा हिस्सा उनके सबसे अच्छे दोस्त आनंद महिंद्रा ने दिया। इसलिए बैंक का नाम कोटक महिंद्रा रखा गया।

    23 साल की उम्र में, उदय कोटक ने एक वित्तीय परामर्श कंपनी कोटक कैपिटल मैनेजमेंट फाइनेंस लिमिटेड की शुरुआत की, जो बाद में कोटक महिंद्रा फाइनेंस लिमिटेड बन गई।

    इतिहास में पहली बार एनबीएफसी को मिला बैंक का लाइसेंसे

    22 मार्च 2003 को, कोटक महिंद्रा फाइनेंस लिमिटेड को भारतीय रिजर्व बैंक से बैंकिंग लाइसेंस प्राप्त हुआ। भारत के कॉर्पोरेट इतिहास में, यह भारत की पहली गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी है जिसने बैंकिंग लाइसेंस प्राप्त किया और एक गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी से बैंक में बदल गई।

    खबरें और भी

    2014 में, कोटक ने अपने छोटे बिल-डिस्काउंटिंग व्यवसाय को वित्तीय सेवा समूह में बदल दिया और 1270 से अधिक शाखाओं के साथ बाजार पूंजीकरण द्वारा भारत में दूसरा सबसे बड़ा अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक बन गया।

    उदय कोटक की पर्सनल प्रोफाइल

    उदय कोटक की शादी पल्लवी कोटक से हुई है। इनके दो बच्चे हैं और वे मुंबई में रहते हैं। उदय एक गुजराती हिंदू परिवार से हैं। उनके पास जमनालाल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, मुंबई से वाणिज्य में स्नातक की डिग्री और एमएमएस की डिग्री है। उनके पास बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में 35 वर्षों से अधिक का अनुभव है।

    इस साल दिसंबर में होने वाले थे रिटायर

    RBI ने प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के अधिकतम कार्यकाल की सीमा 15 वर्ष तय की, जिसके कारण कोटक को दिसंबर 2023 में अपने कार्यकाल के अंत में सेवानिवृत्त होना था, जो आज ही हो गया।

    हालांकि उदय कोटक ने घोषणा की कि वह बैंक के बोर्ड में एक गैर-कार्यकारी निदेशक होंगे, लेकिन उन्होंने वित्तीय क्षेत्र के नियमों में नौकरशाही दृष्टिकोण के खिलाफ भी सार्वजनिक रूप से बात की।