सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

TATA ने बनाया था भारत का पहला AC, वोलकार्ट ब्रदर्स से इस तरह खरीदकर 72 साल पुरानी कंपनी को बना लिया अपना

Published: Wed, 02 Sep 2026 01:50 PM (IST)Updated: Wed, 02 Sep 2026 02:17 PM (IST)

वोल्टास, जो हर गर्मी में घरों में ठंडक पहुंचाता है, उसकी शुरुआत 1954 में स्विट्जरलैंड की वोल्कार्ट ब्रदर्स और भारत ...और पढ़ें

वोल्टास AC का दिलचस्प इतिहास: कैसे एक स्विस कंपनी और टाटा ने मिलकर भारत को दिया पहला AC

वोल्टास AC का दिलचस्प इतिहास: कैसे एक स्विस कंपनी और टाटा ने मिलकर भारत को दिया पहला AC

HighLights

  1. वोल्टास: वोल्कार्ट ब्रदर्स और टाटा संस का 1954 का उद्यम।

  2. भारत में पहला रूम एयर कंडीशनर लाने का श्रेय वोल्टास को।

  3. 'वोल्टास' नाम 'वोल्कार्ट' और 'टाटा संस' के संयोजन से बना।

नई दिल्ली। हर गर्मी में, लाखों भारतीय चिलचिलाती गर्मी से बचने के लिए अपने एयर कंडीशनर चलाते हैं। जब AC की बात आती है, तो अक्सर सबसे पहले टाटा के वोल्टास (Voltas) का नाम दिमाग में आता है। हालांकि, इस मशहूर भारतीय एयर-कंडीशनिंग कंपनी की कहानी सिर्फ मशीनों या आराम से कहीं आगे की है। इसकी कहानी अंग्रेजो की उस पुरानी और भेदभावपूर्ण सोच से शुरू होती है, जिनका मानना था कि गर्म मौसम के कारण दक्षिण एशिया (जैसे भारत) के लोग आलसी, असभ्य और खुद पर शासन करने में अक्षम होते हैं। वोल्टास का इतिहास एक ऐसे यूरोपीय देश से जुड़ा है जो दूसरे देशों को जीतने के बजाय झगड़ों से दूर रहने के लिए जाना जाता है और उस देश का नाम स्विट्जरलैंड है।

'वोल्टास' कंपनी की स्थापना 1954 में स्विट्जरलैंड की 'वोल्कार्ट ब्रदर्स' और भारत की टाटा संस के बीच एक जॉइंट वेंचर के जरिए हुई थी। हालांकि, इससे कई दशक पहले ही यह स्विस ट्रेडिंग कंपनी दक्षिण एशिया में एक बड़ा और प्रभावशाली नाम बन चुकी थी।

1851 में स्थापित इस कंपनी के ऑफिस ज्यूरिख (विंटरथुर), स्विट्ज़रलैंड और बॉम्बे (अब मुंबई), भारत में थे। 20वीं सदी की शुरुआत तक, वोल्कार्ट ब्रदर्स भारत से कच्ची कपास के दुनिया के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक बन गई थी। एक ऐसी कामयाबी जिसने उस दौर के कई लोगों को हैरान कर दिया था।

एक स्विस ट्रेडिंग कंपनी ने वोल्टास के लिए रास्ता कैसे बनाया?

1954 में वोल्टास बनाने के लिए वोल्कार्ट ब्रदर्स के टाटा संस के साथ हाथ मिलाने से कई दशक पहले, इस स्विस ट्रेडिंग कंपनी ने दक्षिण एशिया की सबसे प्रभावशाली ट्रेडिंग फर्मों में से एक के तौर पर अपनी पहचान बना ली थी। 1 फरवरी 1851 को भाइयों सैलोमन और जोहान जॉर्ज वोल्कार्ट द्वारा शुरू की गई इस कंपनी का हेडक्वार्टर ज्यूरिख के पास विंटरथुर में था और एक बड़ा ऑफिस बॉम्बे (अब मुंबई) में था।

टाटा नाम इसमें कैसे और कब जुड़ा?

1954 में, वोल्कार्ट ब्रदर्स ने टाटा संस के साथ मिलकर 'वोल्टास लिमिटेड' नाम की एक जॉइंट वेंचर कंपनी बनाई। "वोल्टास" नाम VOLkart और TAS (टाटा संस से) शब्दों को मिलाकर बनाया गया है। यह कंपनी 6 सितंबर, 1954 को मुंबई में शुरू हुई और इसने भारत में वोल्कार्ट के इंजीनियरिंग और एयर-कंडीशनिंग से जुड़े ज्यादातर कामकाज अपने हाथ में ले लिए।

भारत में पहला रूम एयर कंडीशनर और शुरुआती क्लाइमेटाइजर लाने का श्रेय वोल्टास (India First AC) को जाता है। 1956 में एक खास काम हुआ, जब वोल्टास ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के घर पर रूम एयर कंडीशनर लगाया। बाद में कंपनी ने लाइसेंस लिए और देश में ही मैन्युफैक्चरिंग और असेंबली शुरू की। समय के साथ, वोल्कार्ट की हिस्सेदारी कम होती गई और वोल्टास पूरी तरह से टाटा ग्रुप की कंपनी बन गई। वोल्टास आज भारतीय शेयर बाजार की लिस्टेड कंपनी है। वोल्टास का मार्केट कैप 38,348 करोड़ रुपये है।

यह भी पढ़ें- कौन थे कासिम दादा जिन्होंने दिया Dada? अंग्रेजों ने फिर 'L' जोड़ बनाया भारत के इतिहास का सबसे मशहूर घी