क्यों नहीं हो पा रही भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील? ये हैं टैरिफ और कानूनी अड़चनें
भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित व्यापार समझौते (US-India Trade Deal) पर बातचीत जारी है। अधिकारी कुछ बाधाओं को दूर करने का प्रयास कर रहे ...और पढ़ें

भारत-अमेरिका के बीच क्यों नहीं हो पा रही ट्रेड डील?

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली। लंबे समय से भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील (India-US Trade Deal) होने की चर्चा चल रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारत और अमेरिका के अधिकारी प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते में आखिरी कुछ रुकावटों को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। मगर अभी तक इस पर कोई भी पुख्ता फैसला नहीं हो पाया है। इसकी वजह क्या है? यहां हम इसी सवाल पर चर्चा करेंगे।
इसलिए नहीं बन पा रही बात
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों पक्ष कुछ मुख्य बातों पर सहमत हैं, लेकिन कई संवेदनशील टैरिफ और सीक्वेंसिंग मुद्दों पर अभी भी मतभेद (US-India Trade Deal Obstacle) हैं, जिसके नतीजे में चल रही बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रही है। दोनों पक्षों का टार्गेट एक ऐसा टिकाऊ समझौता करना है, जो द्विपक्षीय व्यापार में स्थिरता लाए।
चल रही है बातचीत
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले कुछ हफ्तों की बातचीत के बाद अब कुछ ही अनसुलझे मुद्दे बचे हैं, जिन पर टेक्निकल टीमें बातचीत कर रही हैं। जब इसे US ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव और भारत के कॉमर्स मिनिस्ट्री से मंजूरी मिल जाएगी, तो इसे फाइनल मंजूरी के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास भेजा जाएगा।
अमेरिका में कानूनी अनिश्चितता
बातचीत पर असर डालने वाला एक और फैक्टर अमेरिका में कानूनी अनिश्चितता है। टैरिफ अथॉरिटी के अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट का संभावित फैसला सीधे तौर पर बातचीत को प्रभावित नहीं कर रहा, लेकिन यह भविष्य में एक खतरा बना हुआ है।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले की संभावना है जो कुछ टैरिफ के कानूनी आधार को प्रभावित कर सकता है। ऐसा फैसला वॉशिंगटन को दूसरे कानूनी अधिकारों पर निर्भर होने के लिए मजबूर कर सकता है, जिनमें टैरिफ लेवल और समय सीमा पर कड़ी पाबंदियां होती हैं, जिससे ट्रेड एनफोर्समेंट के बारे में राजनीतिक माहौल बिगड़ सकता है।
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क्या निकल सकते हैं नतीजे?
जिस ट्रेड डील का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है, उसके होने पर भारतीय एक्सपोर्ट पर अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ को हटाया जा सकता है। हालांकि भारतीय टेक्सटाइल जैसे कई सेक्टर इस टैरिफ से काफी प्रभावित हुए हैं, लेकिन आंकड़ों के अनुसार दोनों देशों के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार में हाई सिंगल डिजिट में बढ़ोतरी हुई है।