सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 09, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Property Tax: फ्लैट या घर खरीदने के बाद हरगिज न करें ये गलती, कहीं हो न जाए बड़ा नुकसान

    By Siddharth PriyadarshiEdited By:
    Updated: Wed, 09 Nov 2022 07:52 PM (IST)

    Property Tax अगर आप नया घर या फ्लैट खरीद रहे हैं तो कुछ बातें गांठ बांध लें। जरा-सी लापरवाही आपको गहरे कानूनी पचड़े में फंसा सकती है। इसलिए घर लेने के ...और पढ़ें

    what happens when you do not pay property tax
    what happens when you do not pay property tax

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। अपना घर खरीदने की चाह किसे नहीं होती! हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में टॉप 7 शहरों में घर खरीदारों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इन शहरों में कुल बिक्री 3.6 लाख यूनिट से अधिक होने की उम्मीद है। अगर आप भी अपना फ्लैट बुक करा रहे हैं या घर खरीदने की सोच रहे हैं तो कुछ जरूरी चीजें जान लें, खासकर संपत्ति कर के बारे में जागरूक होना बहुत आवश्यक है।

    क्या आप जानते हैं कि नगर निगम के अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले मकान/फ्लैट मालिकों से संपत्ति कर वसूलते हैं। संपत्ति कर का भुगतान नहीं करने पर कुछ हानिकारक परिणाम हो सकते हैं। समय सीमा के भीतर संपत्ति कर का भुगतान न करने वाले डिफॉल्टरों के खिलाफ नगर निगम अक्सर सख्त कदम उठाते हैं।

    क्या होगा अगर संपत्ति कर का भुगतान नहीं किया

    विशेषज्ञों का कहना है कि संपत्ति कर न भरने का परिणाम/जुर्माना हर राज्य के आधार पर अलग-अलग होता है। टैक्स कनसल्टेन्ट अमृता देवयानी बताती हैं कि आपकी संपत्ति किस नगरपालिका प्राधिकरण के अंतर्गत आती है, अधिक महत्व इस बात का है। अगर दिल्ली की बात करें तो दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) प्रति माह देय राशि पर 1% का जुर्माना लगाता है। 

    जारी हो सकता है नोटिस

    अमृता देवयानी बताती हैं कि समय पर संपत्ति कर का भुगतान न करने पर संबंधित नगरपालिका या प्राधिकरण बकाया राशि की वसूली के लिए कारण बताओ नोटिस भी जारी कर सकता है। अगर इस नोटिस के बाद भी संपत्ति कर का भुगतान नहीं किया जाता तो उस स्थिति में संबंधित नगरपालिका या प्राधिकरण आगे कानूनी कार्रवाई कर सकता है। कई शहरों में डिफॉल्टरों को अक्सर संपत्ति कर का भुगतान न करने पर 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया जाता है। अगर डिफॉल्टर 'कारण बताओ नोटिस' को नजरअंदाज करता है तो कुछ नगर निगम टैक्स की राशि का 15 से 25 फीसद जुर्माना लगाते हैं।

    खबरें और भी

    जुर्माने के बाद भी भुगतान न करने पर नगर निगम कुर्की के माध्यम से बकाया वसूली की कोशिश कर सकते हैं। विलफुल डिफॉल्टर्स को जेल और और जुर्माना, दोनों एक साथ हो सकता है।

    (डिसक्लेमर- यह लेख सूचनाओं पर आधारित है। अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की राय लें।)

    ये भी पढ़ें-

    Gold Price: शादियों के लिए खरीदना है गहना तो कर लें पूरी तैयारी, नवंबर में किस तरफ जाएंगे सोने के रेट

    Archean Chemical IPO: आज खुल गया इस स्पेशियलिटी केमिकल कंपनी का आईपीओ, जानें क्या चल रहा है GMP