यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
GDP Growth Rate: क्या होती है जीडीपी, इसके घटने और बढ़ने से आम आदमी पर क्या होता है असर
What is GDP जीडीपी किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को मापने का बहुत महत्वपूर्ण सूचकांक होता है। इसमें बदलाव का सीधा असर अर्थव्यवस्था के साथ आम आदमी के जीव ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। देश की अर्थव्यवस्था की ग्रोथ को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में मापा जाता है। जीडीपी में बढ़त इस ओर इशारा करती है कि देश में आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं और लोगों को जीवन स्तर में सुधार हो रहा है।
आज हम इस रिपोर्ट में जानेंगे कि आखिर जीडीपी क्या होती है और ये किसी आम आदमी के लिए क्यों जरूरी है।
क्या होती है GDP?
GDP का पूरा नाम ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (Gross Domestic Product) है और एक वित्त वर्ष में किसी भी देश में बनी वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य होता है। अगर किसी देश की जीडीपी अधिक होती है और लोगों का जीवन स्तर काफी अच्छा होता है, उन्हें विकसित देश कहा जाता है। वहीं, अगर किसी देश की जीडीपी कमजोर है और लोगों का जीवन स्तर भी एक सीमा से कम है तो उसे विकासशील देश कहा जाता है।
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GDP कैसे आम आदमी के जीवन पर असर डालती है?
जीडीपी आम आदमी पर सीधा असर करती है। अगर जीडीपी बढ़ती है तो लोगों पर सकारात्मक प्रभाव होता है और सरकार के हाथ में अधिक पैसा आता है, जिस कारण ये सरकार जन कल्याण पर अधिक पैस खर्च कर पाती है।
अगर किसी देश की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ती है तो लोगों के लिए कमाने के अवसर बढ़ते हैं और अच्छा पैसा कमाते हैं और इस कारण उनके जीवन स्तर में सुधार होता है। वहीं, दूसरी तरफ अगर जीडीपी गिरती है तो आम आदमी की आय में गिरावट आती है। इसके साथ कंज्यूमर डिमांड भी कम होती है और बिजनेस की आय में भी गिरावट आती है। वहीं, जीडीपी में औसत वृद्धि होने के कारण जॉब और नए अवसरों में कमी आती है और आय भी नहीं बढ़ती है।
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जीडीपी गिरने से कैसे सरकार प्रभावित होती है?
- सरकार की टैक्स आय में गिरावट आती है।
- सरकार पर कर्ज का बोझ बढ़ता है।
- इन्फ्रा पर सरकार कम खर्च करती है।
- आय कम होने के चलते सरकार टैक्स में बढ़ोतरी करती है।
भारत की जीडीपी
मौजूदा समय में भारत की जीडीपी करीब 7 प्रतिशत की दर से ग्रोथ कर रही है और दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है। दुनिया के बड़े वित्तीय संस्थान भी कह चुके हैं पश्चिमी देशों के मुकाबले भारतीय अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन करेगी और यहां मंदी आने की संभावना भी न के बराबर है।
