यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Loan against Mutual Funds के जरिए कम ब्याज पर लें लोन, कंपाउंडिंग का भी मिलेगा पूरा फायदा
Loan against Mutual Funds पर्सनल लोन की अपेक्षा एक अच्छा विकल्प है। इससे आप सस्ती दर पर लोन ले सकते हैं। इसके साथ ही निवेशित रहने के कारण कंपाउंडिंग क ...और पढ़ें

HighLights
- निवेशित रहने के कारण कंपाउंडिंग का भी फायदा मिलता है।
- म्यूचुअल फंड्स को गिरवी रखकर लोन लेने पर आपका वित्तीय अनुशासन बना रहता है।
नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। म्यूचुअल फंड में निवेश करना एक अच्छी आदत होती है। अगर आप लंबे समय म्यूचुअल फंड में एसआईपी करते हैं तो एक बड़ा फंड जमा कर सकते हैं। कई बार देखा जाता है कि लोग जरूरत पड़ने अचानक से म्यूचुअल फंड्स से पैसा निकाल लेते हैं और इस कारण उन्हें कंपाउंडिंग का फायदा भी नहीं मिलता है।
लेकिन म्यूचुअल फंड से पैसा निकालने से अच्छा विकल्प जरूरत पड़ने पर म्यूचुअल फंड्स को गिरवी रखकर लोन (Loan against Mutual Funds) लेना है। इससे आपका निवेश भी बना रहता है और आपकी वित्तीय जरूरत भी पूरी हो जाती है।

क्या होता है Loan against Mutual Funds?
Loan against Mutual Funds में आप अपनी म्यूचुअल फंड्स यूनिट्स को गिरवी रखकर लोन लेते हैं। इससे आपको लंबे समय में निवेशित रहने पर कंपाउंडिंग का भी फायदा मिल जाता है। आप लोन के जरिए राशि भी जुटा सकते हैं।
.jpg)
Loan against Mutual Funds के फायदे
- म्यूचुअल फंड्स को गिरवी रखकर लोन लेने पर आपका वित्तीय अनुशासन बना रहता है और आपकी एसआईपी बंद नहीं होती है।
- इससे आप म्यूचुअल फंड बेचने पर लगने वाले टैक्स से बच जाते हैं। एक साल से पहले खरीदी गई म्यूचुअल फंड यूनिट्स को बेचने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल टैक्स 10 प्रतिशत और एक साल से अंदर खरीदी गई म्यूचुअल फंड यूनिट्स शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स 15 प्रतिशत लगता है।
- म्यूचुअल फंड्स को गिरवी रखकर लिए गए लोन की ब्याज दर कम होती है। आमतौर पर इस प्रकार के लोन की ब्याज दर 9 से 11 प्रतिशत तक होती है।
- इक्विटी म्यूचुअल फंड्स पर लोन आपकी यूनिट्स की वैल्यू का 50 प्रतिशत होती है और डेट में ये 80 प्रतिशत तक हो सकती है।
- फिनटेक कंपनियों के आने के कारण आप ऑनलाइन ही म्यूचुअल फंड पर लोन ले सकते हैं।
