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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Asian paints news: एशियन पेंट्स पर ये कैसा आरोप, बिड़ला की इस शिकायत ने कर दिया खेल; बैठ गई जांच

    Updated: Tue, 01 Jul 2025 08:02 PM (IST)

    Asian paints news भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने एशियन पेंट्स के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। ग्रासिम इंडस्ट्रीज की शिकायत पर आयोग ने माना कि एशि ...और पढ़ें

    भारत की सबसे बड़ी पेंट निर्माता कंपनी एशियन पेंट्स पर जांज की आंच!
    भारत की सबसे बड़ी पेंट निर्माता कंपनी एशियन पेंट्स पर जांज की आंच!

     नई दिल्ली। भारत की सबसे बड़ी पेंट निर्माता कंपनी एशियन पेंट्स (Asian Paints) के खिलाफ प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने एक बड़ा कदम उठाया है। आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी ग्रासिम इंडस्ट्रीज (grasim share price) की शिकायत पर, आयोग ने एशियन पेंट्स के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। आयोग ने माना है कि कंपनी ने बाजार में अपने प्रभुत्व का दुरुपयोग किया है और प्रतिस्पर्धियों को रोकने के लिए अनुचित दबाव डाला है। 

    एशियन पेंट्स के शेयर (asian paints share price) आज 1.24 फीसदी की बढ़त के साथ 2,370.10 रुपये पर बंद हुए। क्योंकि ये खबर बाजार बंद होने के बाद आई है। ऐसे में कल इसके शेयर में इस खबर को लेकर बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।

    क्या कहा CCI ने?

    आयोग ने अपने आदेश में कहा कि, “प्रथम दृष्टया, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एशियन पेंट्स ने डीलरों, सप्लायर्स और अन्य साझेदारों पर प्रतिबंध लगाना प्रतिस्पर्धा विरोधी व्यवहार का संकेत देता है। इससे बाजार में नए प्लेयर्स की एंट्री में बाधा आ रही है।”

    सीसीआई ने 90 दिनों में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि यह आदेश कोई अंतिम निर्णय नहीं है, बल्कि शुरुआती जांच के लिए निर्देश है। इस स्टेज पर एशियन पेंट्स को सुना नहीं गया क्योंकि आयोग ने माना कि अब तक के साक्ष्य पर्याप्त हैं।

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    एशियन पेंट्स पर क्या आरोप लगे हैं?

    ग्रासिम इंडस्ट्रीज की शिकायत में यह आरोप लगाए गए हैं कि एशियन पेंट्स अपने डीलरों को प्रतिस्पर्धियों (जैसे ग्रासिम) के साथ काम करने से रोक रही है। कच्चा माल सप्लाई करने वाले सप्लायर्स को भी प्रतिस्पर्धियों को सेवाएं देने से मना कर रही है।

    लैंडलॉर्ड्स, ट्रांसपोर्टर्स और C&F एजेंट्स पर दबाव बनाकर, उन्हें ग्रासिम जैसे नए खिलाड़ियों से दूरी बनाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। आयोग ने माना है कि इस प्रकार की रणनीति से भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और इससे नए खिलाड़ियों के लिए एंट्री बाधित हो रही है।

    भारत का पेंट बाजार और एशियन पेंट्स

    भारत का पेंट बाजार वर्तमान में ₹80,000 करोड़ से ₹90,000 करोड़ के बीच का है। इसमें एशियन पेंट्स की हिस्सेदारी करीब 53% है और यह देश की सबसे बड़ी पेंट कंपनी है। कंपनी का नेटवर्क 1.6 लाख टचप्वाइंट्स और 74,000 से अधिक डीलरों तक फैला है।

    एलारा कैपिटल के मुताबिक फरवरी 2024 में आदित्य बिड़ला समूह के ‘बिड़ला ओपस’ ब्रांड के लॉन्च के बाद से एशियन पेंट्स की स्थिति को चुनौती मिलनी शुरू हुई है। मार्च 2025 तक बिड़ला ओपस ने लगभग 7% बाजार हिस्सेदारी हासिल कर ली, जो कि बेहद तेज़ ग्रोथ मानी जा रही है। 

    आगे क्या होगा?

    अब सीसीआई के डायरेक्टर जनरल (DG) द्वारा पूरी जांच की जाएगी, जिसमें कंपनी के डीलिंग पैटर्न, डीलरों और सप्लायर्स पर प्रभाव, और प्रतिस्पर्धी रणनीति की जांच शामिल होगी। अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो एशियन पेंट्स पर भारी जुर्माना या सुधारात्मक निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

    (डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)