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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पहली बार भर रहे हैं इनकम टैक्स रिटर्न? इन बातों का रखें ध्यान, नहीं तो हो जाएगी परेशानी

    Updated: Sun, 07 Jul 2024 08:00 AM (IST)

    आईटीआर भरते समय से छोटी-छोटी डिटेल पर ध्यान देना जरूरी है। आपकी हर व्यक्तिगत जानकारी (Personal Details) सही होनी चाहिए। जैसे कि पैन आधार और बैंक अकाउं ...और पढ़ें

    फॉर्म 16 उन लोगों के लिए है, जिनकी इनकम का सोर्स सिर्फ सैलरी है।
    फॉर्म 16 उन लोगों के लिए है, जिनकी इनकम का सोर्स सिर्फ सैलरी है।

    HighLights

    1. ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है।
    2. डेडलाइन तक रिटर्न फाइल न करने पर जुर्माना लगेगा।
    3. ITR भरते समय कोई भी जानकारी गलत नहीं देनी चाहिए।
    4. सभी दस्तावेज पहले से पास जुटा लेने चाहिए।

    बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई काफी नजदीक आ गई है। अगर आपने डेडलाइन खत्म होने तक आईटीआर फाइल नहीं किया, तो आपको परेशानी हो सकती है, जुर्माना भी देना पड़ सकता है। ऐसे में आईटीआर को जितना जल्दी हो सके, फाइल कर देना चाहिए।

    अगर आप पहली बार अपना आईटीआर खुद फाइल कर रहे हैं, तो आपको कुछ चीजों पर खास तवज्जो देने की जरूरत है। नहीं तो आपके पास इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का नोटिस भी आ सकता है।

    हर डिटेल की बारीकी से करें जांच

    आईटीआर भरते समय से छोटी-छोटी डिटेल पर ध्यान देना जरूरी है। आपकी हर व्यक्तिगत जानकारी (Personal Details) सही होनी चाहिए। जैसे कि पैन, आधार और बैंक अकाउंट की डिटेल। इसमें अगर गड़बड़ी हुई, तो आपका आईटीआर खारिज हो सकता है या फिर रिफंड (Refund) मिलने में देरी हो सकती है। यहां तक कि आपके पास इनकम टैक्स डिपार्टमेंट का नोटिस भी आ सकता है।

    किन दस्तावेजों की होती है जरूरत?

    इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए फॉर्म 26AS और एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (Annual Information Statement) की जरूरत पड़ती है। फॉर्म 26AS में ब्याज, सैलरी, डिविडेंड पर टीडीएस (Tax Deducted at Source) कटौती के साथ टीसीएस (Tax Collected at Source) से जुड़ी सभी जानकारियां होती हैं।

    वहीं, एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) में इनकम टैक्स एक्ट 1961 के तहत जरूरी सभी डिटेल होती हैं। इसमें टैक्सपेयर्स की जानकारी दो हिस्सों में होती हैं। पहली में करदाता की पर्सनल डिटेल होती है, जैसे कि आधार, पैन कार्ड और मोबाइल नंबर। वहीं, दूसरे में टैक्स से जुड़ी तकनीकी जानकारियां होती हैं।

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    फॉर्म 16/16A के बिना नहीं होगा काम

    फॉर्म 16 उन लोगों के लिए है, जिनकी इनकम का सोर्स सिर्फ सैलरी है। वहीं, फॉर्म 16A बताता है कि वेतन के अलावा अन्य आय स्रोतों से टीडीएस काटा गया था। जैसे कि सावधि जमा, बीमा कमीशन, किराया रसीदें, प्रतिभूतियां आदि पर ब्याज के रूप में अर्जित आय।

    जब ये फॉर्म मिले, तो तुरंत सभी जानकारियों का मिलान कर लें, ताकि किसी तरह की दिक्कत न हो। अगर फॉर्म 16/16A में कोई भी गड़बड़ी हो, तो उसकी जानकारी फौरन संबंधित कर्मचारी को दें। अगर आप पुराने टैक्स रिजीम में हों, तो सुनिश्चित कर लें कि एलटीए (LTA) एचआरए (HRA) और बाकी छूट का जिक्र सही हो।

    यह भी पढ़ें : Annual Information Statement क्या है, इससे आसान कैसे हो जाता है इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना, जानें पूरी डिटेल