कौन है माला गांवकर? शेयर बाजार में बनाया पैसा कमाने का इतिहास, नौकरी छोड़ 3 साल में कमा लिए 54000 करोड़ रुपये
माला गांवकर ने अपने हेज फंड, सर्गोकैप पार्टनर्स के जरिए महज 3 साल में $1.8 बिलियन से लगभग $6 बिलियन कमाकर शेयर बाजार में इतिहास रचा है। 2023 में लॉन्च ...और पढ़ें

माला गांवकर, हेज फंड सर्गोकैप की फाउंडर हैं।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली। एक महिला ने शेयर बाजार में ट्रेडिंग करके महज 3 साल के अंदर 54000 करोड़ रुपये से ज्यादा कमा लिए, इस बात पर यकीन करना असंभव है लेकिन यह सच है। माला गांवकर (Mala Gaonkar) के हेज फंड (Mala Gaonkar Hedge Fund) ने शेयर बाजार में कारोबार शुरू करने के महज 3 साल के अंदर ही अपनी संपत्ति को तीन गुना बढ़ाकर लगभग 6 अरब डॉलर कर दिया, जो शेयर बाजार के इतिहास में सबसे तेजी से बढ़ने वाले हेज फंड में से एक है।
माला गांवकर की कंपनी सुरगोकैप पार्टनर्स ने जनवरी 2023 में 1.8 बिलियन डॉलर के साथ अपने कारोबार की शुरुआत की, और पुरुषों के वर्चस्व वाले इस उद्योग में अब तक की सबसे बड़ी महिला ट्रेडर के रूप में खुद को स्थापित कर लिया।
कौन है माला गांवकर?
माला गांवकर एक अमेरिकी बिजनेसवुमेन और इन्वेस्टर है। अमेरिका में जन्मी माला गांवकर भारत के बेंगलुरु में पली-बढ़ी और शेयर मार्केट में लंबे समय तक काम किया है। माला, स्टीव मैंडेल की लोन पाइन में 20 साल से ज्यादा समय तक काम किया और अंततः फर्म की संपत्तियों की देखरेख करने वाले तीन पोर्टफोलियो प्रबंधकों में से एक बन गईं। हालांकि, उन्होंने 2022 में यह फर्म छोड़ दी थी। इसके बाद माला गांवकर ने साल 2023 में सर्गोकैप पार्टनर्स की स्थापना की, जो एक इन्वेस्टमेंट फर्म है।
शेयर बाजार से कैसे कमाया पैसा?
नौकरी छोड़ने के बाद 56 वर्षीय माला गांवकर 2023 में हेज फंड की शुरुआत की। खास बात है कि 2023 में लॉन्च हुआ यह हेज फंड किसी महिला द्वारा संचालित अब तक का सबसे बड़ा हेज फंड था। माला गांवकर ने डेटा साइंस का उपयोग करते हुए निवेश किया और अलग-अलग सेक्टर में पैसा लगाया। अब सर्गोकैप की संपत्ति बॉबी जैन के फंड के बराबर हो गई है, जिसने 2024 में 5.3 बिलियन डॉलर के साथ शुरुआत की थी, और डिएगो मेगिया की 7 बिलियन डॉलर की फर्म के बराबर भी, जिसने उसी वर्ष शुरुआत की थी।
खबरें और भी
हाल के वर्षों में कुछ ही स्टार्टअप हेज फंड इतनी तेजी से बढ़े हैं, जिसका एक कारण अमेरिकी पेंशन और एंडोमेंट फंडों द्वारा निजी इक्विटी में फंसी नकदी को वापस लेना है।