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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    अमेरिका में मिल रही ज्यादा बॉन्ड यील्ड, फिर भारतीय बाजार में निवेश क्यों बढ़ा रहे FPI

    By Jagran News Edited By: Suneel Kumar
    Updated: Sun, 03 Mar 2024 07:09 PM (IST)

    FPI ने पिछले महीने इक्विटी में 1539 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है। आमतौर पर इस स्तर पर FPI विदेशी बाजारों में जमकर बिकवाली करते हैं। लेकिन अमेरिक ...और पढ़ें

    FPI ने पिछले महीने इक्विटी में 1,539 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है।
    FPI ने पिछले महीने इक्विटी में 1,539 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है।

    पीटीआई, नई दिल्ली। अमेरिका में 10 साल बॉन्ड पर यील्ड (रिटर्न) 4.25 प्रतिशत रहने के बावजूद फरवरी में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) घरेलू इक्विटी बाजारों में शुद्ध खरीदार रहे हैं। FPI ने पिछले महीने इक्विटी में 1,539 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है। आमतौर पर इस स्तर पर FPI विदेशी बाजारों में जमकर बिकवाली करते हैं।

    जनवरी में FPI ने इक्विटी बाजारों से 25,743 करोड़ रुपये की निकासी की थी। जानकारों का कहना है कि मजबूत कारपोरेट आय और सकारात्मक आर्थिक वृद्धि से भी FPI ने घरेलू बाजारों में निवेश बढ़ाया है।

    Craving Alpha के पार्टनर मयंक मेहरा का कहना है कि पिछले महीने बढ़े हुए मूल्यांकन के बावजूद कंपनियों के आकर्षक प्रदर्शन ने उनके मूल्य को उचित ठहराया है। इसने FPI को बाजार में फिर से प्रवेश करने के लिए लुभाया।

    मार्च में भी FPI निवेश सकारात्मक रह सकता है। हालांकि, इसके लिए जरूरी है कि आर्थिक वृद्धि और कारपोरेट अपना सकारात्मक प्रदर्शन जारी रखें।

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    मार्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के एसोसिएट डायरेक्टर हिमांशु श्रीवास्तव का कहना है कि वैश्विक आर्थिक हालातों में सुधार के चलते FPI भारत जैसे उच्च विकास वाले बाजार में निवेश के लिए प्रेरित हुए हैं।

    जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार का कहना है कि आने वाले दिनों में FPI फिर से बिकवाली कर सकते हैं। लेकिन इस बार आक्रामक बिकवाली की उम्मीद नहीं है। इसका कारण यह है कि FPI की बिकवाली का घरेलू बाजारों पर कोई प्रभाव नहीं दिख रहा है।

    इसके अलावा, एफपीआइ अनुकूल क्षेत्रों में खरीदारी भी कर सकते हैं। विजयकुमार के अनुसार, फरवरी में एफपीआइ ने वित्तीय और एफएमसीजी क्षेत्र में शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली की है। इसके इतर, FPI डेट बाजारों में जमकर निवेश कर रहे हैं। पिछले महीने इन्होंने डेट बाजारों में 22,419 करोड़ रुपये का निवेश किया है जो जनवरी में 19,836 करोड़ रुपये था।

     

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