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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Budget 2024: इलेक्ट्रिक गाड़ियों को मिलेगा बढ़ावा, बजट में यह बड़ा एलान कर सकती है सरकार

    Updated: Tue, 02 Jul 2024 09:00 PM (IST)

    चालू वित्त वर्ष के लिए फरवरी में पेश अंतरिम बजट में फेम-3 के लिए 2671 करोड़ के आवंटन की घोषणा की गई थी लेकिन फेम-3 के लिए पूर्ण बजट में 10000 करोड़ की ...और पढ़ें

    अंतरिम बजट में फेम-3 के लिए 2671 करोड़ के आवंटन की घोषणा की गई थी।
    अंतरिम बजट में फेम-3 के लिए 2671 करोड़ के आवंटन की घोषणा की गई थी।

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। मौजूदा वित्त वर्ष 2024-25 के लिए पेश होने वाले बजट में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री के प्रोत्साहन के लिए फास्टर एडाप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (फेम) स्कीम की नए सिरे से घोषणा हो सकती है। भारी उद्योग मंत्रालय ने भी वित्त मंत्रालय से इस स्कीम को जारी रखने की गुजारिश की है।

    चालू वित्त वर्ष के लिए फरवरी में पेश अंतरिम बजट में फेम-3 के लिए 2671 करोड़ के आवंटन की घोषणा की गई थी, लेकिन सूत्रों का कहना है कि फेम-3 के लिए पूर्ण बजट में 10,000 करोड़ की राशि आवंटित हो सकती है। गत 31 मार्च को समाप्त होने वाली फेम-2 स्कीम के तहत इलेक्टि्रक यात्री कार की खरीदारी पर कोई सब्सिडी नहीं दी जाती थी, लेकिन हो सकता है फेम-3 स्कीम में इलेक्ट्रिक कार को शामिल कर लिया जाए।

    2019 में शुरू हुई थी फेम-2

    फेम-2 स्कीम वर्ष 2019 में शुरू हुई थी और इस साल मार्च तक इस स्कीम के तहत 11,500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया। इलेक्ट्रिक दोपहिया, तीन-पहिया, बस, व सरकारी कार्यालयों में इस्तेमाल होने वाली कार की खरीदारी पर इस स्कीम के तहत सब्सिडी दी जा रही थी। मार्च में फेम-2 स्कीम के खत्म होने के बाद भारी उद्योग मंत्रालय की तरफ से 500 करोड़ रुपए के आवंटन से इलेक्टि्रक मोबिलिटी प्रमोशन स्कीम (ईएमपीएस) लागू की गई, ताकि इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया को कुछ सब्सिडी मिलती रहे।

    फेम-2 स्कीम के तहत दोपहिया वाहनों की खरीदारी पर 22,500 रुपए तक की सब्सिडी मिल रही थी जो ईएमपीएस के तहत घटकर 10,000 प्रति दोपहिया वाहन रह गई। इसका नतीजा यह हुआ कि इलेक्टि्रक दोपहिया वाहन की बिक्री इस साल अप्रैल में घटकर 64,000 यूनिट रह गई जबकि इस साल मार्च में 1,36,000 यूनिट की बिक्री हुई थी। इस साल जून में भी इस साल के मई के मुकाबले सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई।

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    इस साल जून में सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 1,06,081 यूनिट रही जबकि इस साल मई में 1,23,704 यूनिट की बिक्री हुई थी। सूत्रों के मुताबिक फेम-3 के तहत फिर से इलेक्ट्रिक वाहनों पर सरकारी सब्सिडी बढ़ सकती है क्योंकि सरकार वर्ष 2030 तक वाहनों की कुल बिक्री में इलेक्टि्रक वाहनों की हिस्सेदारी को 30 प्रतिशत तक ले जाना चाहती है जबकि चालू वित्त वर्ष के पहले तीन महीनों की बिक्री में यह हिस्सेदारी सात प्रतिशत के पास है।

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