यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
NFIR के गठन से लोन लेना-देना हो जाएगा आसान, कभी उधार नहीं लेने वाले भी आसानी से ले सकेंगे कर्ज
अभी बैंक किसी व्यक्ति को लोन देने से पहले उसका सिबिल स्कोर जानना चाहता है लेकिन अगर किसी व्यक्ति ने कभी कोई लोन ही नहीं लिया है या क्रेडिट कार्ड का इस ...और पढ़ें

राजीव कुमार, नई दिल्ली। जल्द ही नेशनल फाइनेंशियल इंफार्मेशन रजिस्ट्री (एनएफआईआर) के गठन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। गत एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आगामी वित्त वर्ष 2023-24 के बजट भाषण में एनएफआईआर के गठन की घोषणा की थी। वित्तीय जानकारों के मुताबिक एनएफआईआर के गठन से लोन लेना-देना बिल्कुल सरल हो जाएगा और जिन व्यक्तियों ने कभी लोन नहीं लिया है, उन्हें भी आसानी से लोन दिए जा सकेंगे।
लोन के लिए जरूरी है सिबिल स्कोर
अभी बैंक किसी व्यक्ति को लोन देने से पहले उसका सिबिल स्कोर जानना चाहता है, लेकिन अगर किसी व्यक्ति ने कभी कोई लोन ही नहीं लिया है या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल नहीं किया है तो उसके क्रेडिट क्षमता का पता नहीं लगता है। लेकिन एनएफआईआर में कंपनी व उद्यमी से लेकर व्यक्ति तक की संपूर्ण वित्तीय जानकारी होगी।
एनएफआईआर में मौजूद होंगी विभिन्न जानकारियां
उद्यमी के लोन से लेकर उसका जीएसटी रिटर्न, इनकम टैक्स रिटर्न, विभिन्न जगहों पर निवेश, नए-पुराने लोन, बांड से लेकर शेयर बाजार में किए गए निवेश जैसी तमाम जानकारी एनएफआईआर में होगी। वैसे ही व्यक्ति विशेष के बैंक खाते से लेकर शेयर बाजार और बांड में किए गए निवेश, आईटीआर जैसे तमाम डाटा एनएफआईआर में उपलब्ध होगा। जिसे बैंक, फिनटेक या अन्य वित्तीय संस्था उद्यमी या नागरिक की मंजूरी से उस डाटा को हासिल कर सकेंगे।
लोन देने व लेने वालों को होगा फायदा
वित्तीय विशेषज्ञों के मुताबिक इसका फायदा लोन देने व लेने वाले दोनों को होगा। लोन देने वाली संस्था के सामने उद्यमी, कंपनी या व्यक्ति विशेष की पूरी वित्तीय कुंडली होगी जिससे वे लोन लेने वाले की क्रेडिट क्षमता का सही-सही अंदाजा लगा सकेंगी। कई बार नए उद्यमियों को लोन हासिल करने में दिक्कत होती है क्योंकि उनका कोई लोन नहीं चल रहा होता है। ऐसे में उस उद्यमी की अन्य वित्तीय स्थिति को देख उन्हें आसानी से लोन मिल सकेगा। व्यक्ति विशेष पर यह भी यही नियम लागू होगा। रेहड़ी-पटरी पर दुकान करने वालों से लेकर कुटीर उद्योग चलाने वालों को भी आसानी से लोन मिल सकेगा।
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एनएफआईआर के गठन से बढ़ेगा क्रेडिट का प्रवाह
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा था कि एनएफआईआर के गठन से क्रेडिट का प्रवाह बढ़ेगा जिससे वित्तीय समावेश कार्यक्रम को प्रोत्साहन मिलेगा और वित्तीय स्थिरता मजबूत होगी। उन्होंने कहा था कि आरबीआइ की मदद से एनएफआईआर का फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा। हाल ही में आरबीआइ के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि एनएफआईआर के गठन को लेकर जल्द ही ड्राफ्ट जारी किया जाएगा।
इजाजत के बाद ही शेयर होगा डाटा
हालांकि एनएफआईआर में जो भी डाटा होगा, उसे व्यक्ति विशेष, उद्यमी या कंपनी की इजाजत के बाद ही शेयर किया जा सकेगा। जानकार मान रहे हैं कि जैसे भारत में सभी व्यक्ति का आधार है, वैसे ही एनएफआईआर में सभी कंपनियों से लेकर सभी उद्यमियों की संपूर्ण वित्तीय जानकारी होगी जो एक क्रांतिकारी कदम होगा।
