यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Economic Survey 2023: पीएम गति शक्ति जैसी योजनाओं से मिलेगी देश के विकास को रफ्तार
Economic Survey 2022-23 सर्वेक्षण में बताया गया कि देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए शुरू की गई पीएम गति शक्ति योजना जैसी योजनाओं से देश के ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। वित्त वर्ष 2022-23 के आर्थिक सर्वेक्षण (Economy Survey 2022-23) के मुताबिक, पीएम गति शक्ति (PM Gati Shakti), नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी (National Logistics Policy) और प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम्स (Production-Linked Incentives Schemes) जैसी योजनाओं से देश की आर्थिक गति को बड़ा सहारा मिलेगा।
बता दें कि आर्थिक सर्वेक्षण 2022- 23 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से मंगलवार को संसद में पेश कर दिया गया है। इस आर्थिक सर्वेक्षण में देश के विकास का खाका बताया गया है।
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इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेज विकास हुआ
सर्वेक्षण के मुताबिक, देश में पिछले आठ सालों में सड़क, रेलवे, जलमार्गों आदि की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इसके साथ कई एयरपोर्ट और पोर्ट को भी अपग्रेड किया गया है। इसके साथ ही बताया गया कि मौजूदा समय में देश की लॉजिस्टिक कॉस्ट जीडीपी का 14-18 प्रतिशत है, जबकि ग्लोबल बेंचमार्क 8 प्रतिशत का है।
पीएम गति शक्ति का ऐलान 2021 में किया गया था। इसका उद्देश्य देश में लॉजिस्टिक कॉस्ट को कम करना है। साथ ही चल रहे इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को समय से पूरा करना है। नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (NIP) में सात इंजनों (सड़क, रेलवे, हवाई अड्डे, बंदरगाह, परिवहन, जलमार्ग और लॉजिस्टिक इन्फ्रास्ट्रक्चर) से संबंधित परियोजनाओं को पीएम गति शक्ति ढांचे के साथ जोड़ा जाएगा।
सितंबर 2022 में पीएम गति शक्ति के तहत ही नेशनल लॉजिस्टिक पॉलिसी को लॉन्च किया गया था। सर्वेक्षण में कहा गया कि सरकार की इस नीति के कारण इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के तेजी आएगी और केंद्र, राज्य, स्थानीय सरकार मिलकर काम करेंगी।
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सड़क और रेलवे को मिला बूस्ट
पिछले कुछ सालों में पारंपरिक बुनियादी ढांचा सड़क और रेलवे को नया बूस्ट मिला है। इसके साथ सर्वे में बताया गया कि अंतर्देशीय जल परिवहन और नागरिक उड्डयन जैसे क्षेत्रों काफी क्षमता है, जिसे सरकार की ओर से प्रोत्साहित किया जा रहा है।
