यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Budget 2023 में 'आम आदमी' के लिए क्या होगा 'खास', जानें वो 5 चीजें जिनमें मिल सकती है राहत
Budget 2023 1 फरवरी को बजट पेश होने वाला है जिससे आम जनता की कई उम्मीदें जुड़ी हैं। वहीं जानकारों का मानना है कि पांच ऐसे सेगमेंट हैं जिसमें छूट मिलने ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2023-24 पेश करेंगी। आगामी बजट में राजकोषीय घाटे को कैसे कम किया जाएगा, आम आदमी को क्या राहत मिलने वाला है और मुद्रास्फीति को कैसे नियंत्रित किया जाएगा, इन सब बातों को लेकर आम जनता काफी उम्मीदें लगाएं बैठी हैं। एक्स्पर्ट्स के मुताबिक, ऐसी पांच चीजें है, जिनमें बजट 2023-24 में बदलाव होने की उम्मीद है। तो चलिए इनके बारे में जानते हैं।

टैक्स स्लैब
वित्तीय वर्ष 2014-15 के बाद से भारत के टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दूसरी तरफ, यह मोदी सरकार के दूसरा कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट होने वाला है। इस वजह से इस बार के टैक्स स्लैब में बड़े बदलाव होने की उम्मीद है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार टैक्स स्लैब की सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जा सकता है। इसका मतलब ये होगा कि पांच लाख रुपये से कम आय वाले लोग टैक्स भुगतान के दायरे से बाहर हो जाएंगे।
राजकोषीय घाटे में सुधार
जानकारों के मुताबिक, अगले वित्तीय वर्ष के लिए अपने राजकोषीय घाटे के लक्ष्य में 50 आधार अंकों की कटौती की जा सकती है। इससे उम्मीद है कि भारत अपने घाटे को 5.9 प्रतिशत तक बनाए रखेगा।
मानक कटौती में बढ़त
करदाताओं को यह भी उम्मीद है कि सरकार मानक कटौती की सीमा को बढ़ाया जा सकता है। वर्तमान में मानक छूट की सीमा 50,000 रुपये तक है, जिसे बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की संभावना है। ऐसा बढ़ती लागत और बढ़ती मुद्रास्फीति की वजह से हो सकता है।
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होम लोन पर छूट
इस बार पूरी संभावना है कि घर खरीदारों के लिए छूट के दायरे को बढ़ाया जा सकता है। वर्तमान में होम लोन पर दी गई 2 लाख रुपये तक ब्याज पर करदाता को आयकर में छूट मिलती है। आरबीआई की ओर से ब्याज दर बढ़ने की वजह से कटौती की सीमा बढ़ने की संभावना है।
यूनिफॉर्म कैपिटल गेन टैक्स
वर्तमान समय में संपत्तियों के कई प्रकार होते हैं और इनके हिसाब से अलग-अलग टैक्स की दरें लगाई जाती हैं। इस कारण इस बार के बजट में एक यूनिफॉर्म कैपिटल गेन टैक्स लाए जाने की बात कही जा रही है, जो इस सेक्टर में एक दर के साथ आ सकता है।
