यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Budget 2023: कम हो होम लोन का बोझ; Income Tax पर मिले राहत, बजट से रियल एस्टेट सेक्टर की उम्मीदें
Budget 2023-24 से देश के हर सेक्टर को कुछ न कुछ उम्मीदें हैं। रियल सेक्टर की संस्था NAREDCO ने सरकार को एक पत्र लिखा है जिसमें होम लोन की ब्याज में छू ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। वित्त वर्ष 2023-24 के लिए बजट को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही है। इसको देखते हुए देश की रियल एस्टेट सेक्टर की सबसे बड़ी संस्था राष्ट्रीय रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (NAREDCO) ने बजट से पहले अपनी सिफापिशों को सरकार के पास भेज दिया है।
NAREDCO की ओर से दिए गए सुझावों में कहा गया कि रियल एस्टेट सेक्टर पहले के मुकाबले अधिक प्रोडक्टिव और तेजी से बढ़ सकता है। अगर सरकार कुछ नियमों और टैक्स को समाप्त कर देती है। विषेश रूप से होम लोन की तालश कर रहे ग्राहकों को ब्याज में छूट और किफायती घरों के लिए काम कर रहे बिल्डर पर टैक्स का बोझ कम करना हो।

रियल एस्टेट के निवेशकों को मिले छूट
NAREDCO की ओर से आयकर अधिनियम के कुछ नियमों में बदलाव करने और कुछ धाराओं को हटाने को लेकर भी सिफारिश दी गई है। इसके साथ कहा गया है कि ऐसी कंपनियों और व्यक्तियों को प्रोत्साहित करने चाहिए, जो इस अधिक पूंजी निवेश वाले सेक्टर के साथ जुड़ना चाहते हैं। वहीं, आयकर अधिनियम की धारा 23(5) को हटाने के लिए आग्रह किया है, जो कि आवास से काल्पनिक किराये की आय से संबंधित है।
नारेडको के अध्यक्ष राजन बंडेलकर ने कहा कि डेवलपर्स को सेक्शन 23(5) के तहत नोशनल रेंटल इनकम पर टैक्स के बोझ से छूट दी जानी चाहिए। नोशनल रेंट वसलूने के कारण देश में रेंटल हाउसिंग को बढ़ावा नहीं मिलेगा।

होम लोन पर टैक्स की छूट बढ़े
बंडेलकर ने आगे कहा कि 2022 में घरों की मांग में मजबूती देखी गई है और आगे भी इसे जारी रखने के लिए आयकर अधिनियम में धारा 24(बी) के तहत होम लोन के लिए दी जाने वाली दो लाख रुपये की छूट को बढ़ाकर पांच रुपये करने का किया जाना चाहिए।
खबरें और भी
फरवरी में आएगा बजट
वित्त वर्ष 2023-24 के बजट एक फरवरी को पेश किया जाएगा। यह 2024 में होने वाले लोकसभाा चुनाव से पहले मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट होगा। इस वजह से इसे काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
