सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Union Budget: 'बजट में होम लोन पर ब्याज छूट को बढ़ाकर 5 लाख करने की जरूरत', NAREDCO की सरकार से मांग

    Updated: Thu, 22 Jan 2026 07:31 PM (GMT+05:30)

    रियल एस्टेट निकाय NAREDCO ने आगामी बजट (Union Budget 2026) में होम लोन पर ब्याज कटौती की सीमा 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की मांग की है। संगठन ने ...और पढ़ें

    Union Budget: 'बजट में होम लोन पर ब्याज छूट को बढ़ाकर 5 लाख करने की जरूरत', NAREDCO की सरकार से मांग

    Union Budget: 'बजट में होम लोन पर ब्याज छूट को बढ़ाकर 5 लाख करने की जरूरत', NAREDCO की सरकार से मांग

    HighLights

    1. होम लोन ब्याज कटौती सीमा 2 लाख से 5 लाख हो।

    2. रियल एस्टेट क्षेत्र को उद्योग का दर्जा दिया जाए।

    3. किफायती आवास की सीमा 45 लाख से 90 लाख हो।

    नई दिल्ली, PTI। रियल एस्टेट कंपनियों के निकाय नेशनल रियल एस्टेट डवेलपमेंट काउंसिल (NAREDCO) ने बृहस्पतिवार को आगामी बजट (Budget 2026) में होम लोन (Home Loan) पर ब्याज कटौती की सीमा को मौजूदा दो लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने और रियल एस्टेट क्षेत्र को उद्योग का दर्जा दिए जाने की मांग रखी।

    नेशनल रियल एस्टेट डवेलपमेंट काउंसिल ने किफायती आवास की परिभाषा में बदलाव की मांग करते हुए कहा कि अब 90 लाख रुपये तक की कीमत वाले घरों को किफायती आवास माना जाना चाहिए जिसकी मौजूदा सीमा 45 लाख रुपये है। वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किए जाने से पहले नारेडको ने यह मांग रखी।

    NAREDCO के चेयरमैन ने बजट में सरकार से क्या मांग की?

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को बजट पेश करेंगी। NAREDCO के चेयरमैन निरंजन हीरानंदानी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि केंद्र सरकार ने रियल एस्टेट क्षेत्र को समर्थन देने के लिए कई उपाय किए हैं, लेकिन किफायती आवास क्षेत्र के लिए और अधिक काम करने की आवश्यकता है।

    निरंजन हीरानंदानी ने कहा, "हमें सभी के लिए आवास सुनिश्चित करना होगा। आवास को अन्य बुनियादी ढांचा क्षेत्रों के समान महत्व मिलना चाहिए।"

    हीरानंदानी ने सुझाव दिया कि सरकार को किफायती और मध्यम आय वर्ग के आवासों के विकास के लिए अपने पास खाली पजडी हुई जमीन का उपयोग करना चाहिए। इसके लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) का मॉडल अपनाया जा सकता है।

    Home Loan के ब्याज पर मिलने वाली छूट को बढ़ाए सरकार

    नारेडको के अध्यक्ष प्रवीण जैन ने कहा कि Home Loan पर चुकाए जाने वाले ब्याज पर मिलने वाली कर छूट सीमा को मौजूदा दो लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया जाना चाहिए। सरकार को बजट 2026 में यह छूट देनी चाहिए।

    खबरें और भी

    उन्होंने कहा, "दो लाख रुपये की छूट सीमा 12 साल पहले तय की गयी थी। तब से स्थिति काफी बदल गयी है। ऐसी स्थिति में इस सीमा को बढ़ाकर पांच लाख रुपये किए जाने की जरूरत है।"

    इसके साथ ही जैन ने मांग रखी कि सरकार को रियल एस्टेट कंपनियों को उचित प्रोत्साहन प्रदान करके किराये के आवास को बढ़ावा देना चाहिए।

    जैन ने बताया कि आवास क्षेत्र में किराये से होने वाला प्रतिफल बहुत कम है। यह केवल एक से तीन प्रतिशत है, जिससे रियल एस्टेट कंपनियों के लिए किराये के मकान बनाना अव्यावहारिक हो जाता है।

    उन्होंने कहा कि सरकार किराये के आवास को बढ़ावा देने के लिए रियल एस्टेट कारोबारियों को कर छूट और अन्य सुविधाएं प्रदान कर सकती है। जैन ने कहा कि नारेडको लंबे समय से रियल एस्टेट क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देने की मांग कर रहा है, क्योंकि इससे भूमि और निर्माण के लिए समेत सभी कच्चे माल के लिए सस्ते ऋण प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

    2030 तक 1000 अरब डॉलर का हो जाएगा रियल एस्टेट उद्योग

    भारत की जीडीपी और रोजगार सृजन में इस क्षेत्र के योगदान को देखते हुए, नारेडको के अध्यक्ष ने कहा, "अब समय आ गया है कि सरकार भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र को उद्योग का दर्जा दे। इस क्षेत्र के 2030 तक 1,000 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।"

    जैन ने कहा कि बदले हालात में 90 लाख रुपये तक के घरों को किफायती आवास माना जाना चाहिए। परिभाषा में बदलाव से मदद मिलेगी क्योंकि किफायती घरों पर जीएसटी केवल एक प्रतिशत है।

    उन्होंने कहा, ‘‘रियल एस्टेट क्षेत्र भारत की आर्थिक वृद्धि, रोजगार सृजन और शहरी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। खासकर आवास ऋण से जुड़े कर ढांचे को युक्तिसंगत बनाने से अंतिम उपभोक्ताओं की मांग को प्रोत्साहन मिलेगा और आवास की कमी से जूझ रहे इस क्षेत्र को आवश्यक गति मिलेगी।"

    यह भी पढ़ें- बजट पेश करने में भी भारत से बहुत पीछे है पाकिस्तान, हिंदुस्तान 1 फरवरी तो पड़ोसी PAK कब पेश करता है बजट?