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₹1315800000000 का सोना... अमेरिका से रातोंरात किसने शिफ्ट कर दिया 86000 किलो गोल्ड, कौन सा देश बना नया ठिकाना?

Published: Thu, 03 Sep 2026 01:03 PM (IST)Updated: Thu, 03 Sep 2026 05:00 PM (IST)

Gold Crisis: नीदरलैंड्स के केंद्रीय बैंक ने अमेरिका और कनाडा से अपना 86 टन सोना लंदन स्थानांतरित कर दिया है। ...और पढ़ें

अमेरिका से रातों-रात किसने शिफ्ट कर दिया 86000 किलो सोना? अब ये देश बना ठिकाना

अमेरिका से रातों-रात किसने शिफ्ट कर दिया 86000 किलो सोना? अब ये देश बना ठिकाना

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बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव को लेकर नीदरलैंड्स ने एक चौंकाने वाला कदम उठाया है। नीदरलैंड्स की सेंट्रल बैंक (De Nederlandsche Bank) ने अमेरिका और कनाडा से अपना 86 टन यानी 86000 किलोग्राम सोना निकाल लिया है। जिसकी कीमत करीब ₹13,15,80,00,00,000 (करीब 1.31 लाख करोड़ रुपए) है। नीदरलैंड्स (Dutch central bank moves gold) ने भारी-भरकम सोने को अब लंदन शिफ्ट कर दिया गया है। बैंक ने इसके पीछे बढ़ती जियो-पॉलिटिकल अस्थिरता (why Netherlands moved gold) को बड़ी वजह बताया है।

सोना शिफ्ट करने पर क्या बोला नीदरलैंड्स?

डच बैंक का साफ कहना है कि किसी भी बड़े आर्थिक या वैश्विक संकट में लंदन से सोने की ट्रेडिंग करना न्यूयॉर्क और ओटावा के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान और तेज है। DNB के अध्यक्ष ओलाफ स्लिजेपेन ने बताया,

इस कदम से हम आपात स्थिति में अपने सोने का तुरंत इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं। हम उम्मीद करते हैं कि कभी इसकी नौबत न आए, लेकिन चुनौतियों के लिए खुद को तैयार रखना जरूरी है।"

आंकड़ों में समझें डच बैंक का सोना

साल 2025 के अंत तक नीदरलैंड के पास कुल 612.4 टन सोना था, जिसकी कुल वैल्यू करीब 83.7 अरब डॉलर थी। इस बड़े बदलाव से पहले बैंक का 31.3% सोना अमेरिका में और 19.7% कनाडा में रखा था। अब शिफ्टिंग के बाद दोनों देशों में यह हिस्सा घटकर 18.5% रह गया है। वहीं, लंदन में सोने की हिस्सेदारी 18.1% से छलांग लगाकर 32.1% हो गई है। बाकी 30.8% सोना नीदरलैंड ने अपने ही देश में सुरक्षित रखा है।

नीदरलैंड्स ने कैसे ट्रांसफर किया सोना?

यह काम इसी साल मार्च से अगस्त के बीच पूरा किया गया। ट्रांसफर में होने वाले जोखिम को कम करने के लिए कुछ सोना बाजार में खरीद-बिक्री के जरिए एडजस्ट किया गया, जबकि 27 टन सोना फिजिकल रूप से लाया गया, ताकि सोने की ईंटों को पिघलाने की जरूरत न पड़े।

क्या अमेरिका से उठ रहा है भरोसा?

पेरिस के नेशनल गोल्ड काउंटर के अध्यक्ष लॉरेंट श्वार्ट्ज के मुताबिक,

लंदन मार्केट सबसे ज्यादा लिक्विड है, जहां क्राइसिस में डील करना आसान है। एनालिस्ट जॉन प्लासार्ड ने चेतावनी दी है कि यह भले ही एक बार का कदम लगे, लेकिन अगर दूसरे सेंट्रल बैंक भी नीदरलैंड की तरह अपना सोना अमेरिका से निकालने लगे, तो अमेरिकी सिस्टम पर से दुनिया का भरोसा डगमगा सकता है।"

बता दें कि साल की शुरुआत में जर्मनी ने भी न्यूयॉर्क में रखे अपने सोने की सुरक्षा पर चिंता जताई थी, हालांकि जर्मन सेंट्रल बैंक बुंडेसबैंक ने फिलहाल इसे वहां से न हटाने का फैसला किया है। गोल्ड निवेशकों के लिए यह एक बड़ा संकेत है कि बुरे वक्त में दुनिया के बड़े देश भी सबसे ज्यादा 'सोने' पर ही भरोसा जता रहे हैं।

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