Gold Target Price: 2026 के लिए सोने पर बड़ा टारगेट, जारी रहेगी तेजी, डेढ़ लाख के ऊपर यहां तक जा सकता है भाव
सोने-चांदी में रिकॉर्ड तेजी के बाद गिरावट दर्ज की गई है। इस बीच, गोल्डमैन सैक्स ने 2026 के अंत तक ...और पढ़ें

HighLights
ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने सोने का लक्ष्य $5,400 प्रति औंस किया।
2026 के आखिरी तक भारत में कीमत ₹1.75 लाख प्रति 10 ग्राम संभव।
केंद्रीय बैंक और निजी निवेशक सोने में निवेश कर रहे हैं।
नई दिल्ली। सोने-चांदी (Gold-Silver Prices) में रिकॉर्ड तेजी के बाद अचानक से गिरावट हावी हो गई है। MCX पर गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर क्रमशः 2 से 3 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। इससे पहले इन 20 और 21 जनवरी को लगातार दो दिनों तक इन कीमती धातुओं में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। गोल्ड डेढ़ लाख के पार चला गया तो चांदी 3 लाख 30 हजार के ऊपर पहुंच गई। रिकॉर्ड स्तरों से सोने में जारी इस गिरावट के बीच, दुनिया की दिग्गज ब्रोकरेज फर्म ने गोल्ड पर बड़ा टारगेट प्राइस (Gold Target Price) दिया है।
गोल्डमैन सेस ने 2026 के आखिर तक सोने की कीमत का अपना अनुमान बढ़ाकर $4,900 प्रति औंस से $5,400 प्रति औंस कर दिया है। उसने कहा कि प्राइवेट सेक्टर और उभरते बाजारों के सेंट्रल बैंक सोने में डाइवर्सिफिकेशन कर रहे हैं।
सोने पर ब्रोकरेज ने क्यों दिया ये बड़ा टारगेट?
ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सेस ने बुधवार को जारी एक नोट में कहा, "हम मानते हैं कि प्राइवेट सेक्टर के डाइवर्सिफिकेशन खरीदार, जिनकी खरीदारी ग्लोबल पॉलिसी रिस्क को हेज करती है और जिसने हमारे प्राइस फोरकास्ट में उम्मीद से ज़्यादा बढ़ोतरी की है, वे 2026 में अपनी सोने की होल्डिंग्स को लिक्विडेट नहीं करेंगे, जिससे हमारे प्राइस फोरकास्ट का शुरुआती पॉइंट ऊपर चला जाएगा।"
1 लाख 75 हजार रुपये का टारगेट
गोल्डमैन सेस ने 2026 के आखिर तक सोने की कीमत का अपना अनुमान बढ़ाकर $5,400 प्रति औंस कर दिया है, इसका मतलब है कि सोने की कीमतें 175000 रुपये प्रति दस ग्राम तक जा सकती है। 21 जनवरी को ही सोने की कीमतों ने डेढ़ लाख का अहम स्तर पार करके 1 लाख 55 हजार का रिकॉर्ड हाई लगाया है। 22 जनवरी को गोल्ड की कीमतें गिरावट के साथ MCX पर 151000 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रही है।
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गोल्डमैन सैक्स को उम्मीद है कि वेस्टर्न ETF होल्डिंग्स बढ़ेंगी क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिज़र्व 2026 में फंड रेट में 50 बेसिस पॉइंट्स की कटौती कर सकता है। ब्रोकरेज को यह भी उम्मीद है कि 2026 में सेंट्रल बैंक की खरीदारी औसतन 60 टन रहेगी क्योंकि इमर्जिंग मार्केट के सेंट्रल बैंक अपने रिज़र्व को सोने में डाइवर्सिफाई करना जारी रखेंगे।
