सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    देश में खत्म हो रही चीनी? AISTA ने उठाई COVID-19 जैसी अप्रोच दिखाने की मांग! सप्लाई चेन का क्या हाल?

    Updated: Tue, 21 Jul 2026 01:33 PM (GMT+05:30)

    ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन (AISTA) ने देश में चीनी की कमी की खबरों पर जानकारी दी है। चीनी की कीमतों में 15% की वृद्धि और निर्यात प्रतिबंध के बाद आय ...और पढ़ें

    ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन ने दी चीनी स्टॉक की जानकारी

    ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन ने दी चीनी स्टॉक की जानकारी

    HighLights

    1. AISTA ने देश में चीनी की कमी की खबरों को निराधार बताया।

    2. सदस्यों से देश में चीनी की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने का आग्रह।

    3. चीनी की कीमतों में एक महीने में लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि।

    नई दिल्ली| शक्कर हर घर की हर रोज की जरूरत का अहम हिस्सा है। हर दिन हम किसी ना किसी रूप में चीनी का इस्तेमाल करते हैं। भारत दुनिया के सबसे बड़े चीनी उत्पादक और निर्यातक देशों की सूची में शामिल है, लेकिन इस बार देश में चीनी की कमी को लेकर चर्चा तेज है। घरेलू आपूर्ति बनाए रखने और चीनी की कीमत को सामान्य रखने का हवाला देते हुए केंद्र सरकार ने चीनी के निर्यात पर बैन लगा दिया। इसके बाद देश में चीनी की आपूर्ति (Sugar Supply) और उपल्बधता को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे।

    अब ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन (AISTA) ने चीनी की कमी की खबरों को निराधार बताया है, और उसने अपने सदस्यों से पूरे देश में चीनी की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उनकी ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है जब कारखाने से चीनी की कीमतों में एक महीने से भी कम समय में लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

    जल्द शुरू होंगी चीनी मिलें

    अपने सदस्यों को भेजे गए एक पत्र में, AISTA ने पिछले हफ्ते जारी भारतीय चीनी और जैव-ऊर्जा निर्माता संघ (ISMA) और राष्ट्रीय सहकारी चीनी कारखाना संघ (NFCSF) के संयुक्त बयान का हवाला देते हुए कहा कि देश में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त चीनी भंडार मौजूद है। इसमें यह भी कहा गया कि चीनी मिल मालिकों ने कृषि-जलवायु परिस्थितियों के आधार पर 2026-27 सीजन (अक्टूबर-सितंबर) को जल्द से जल्द शुरू करने पर सहमति जताई है।

    चीनी की उपलब्धता को लेकर ठोस कदम

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, AISTA के अध्यक्ष प्रफुल विठलानी ने कहा, "हाल ही में कारखाने से एक महीने से भी कम समय में लगभग 15 प्रतिशत चीनी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने चीनी की कमी की एक निराधार धारणा पैदा कर दी है।"

    उन्होंने चीनी मूल्य श्रृंखला के सभी शेयरहोल्डर्स - मिलों, व्यापारिक घरानों, थोक विक्रेताओं, वितरकों और संस्थागत उपभोक्ताओं से अनुरोध किया कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए "सकारात्मक कदम" उठाएं कि चीनी पूरे देश में आसानी से उपलब्ध रहे।

    जल्दबाजी में ना करें पैनिक खरीदी

    मीडिया खबरों के मुताबिक AISTA अध्यक्ष ने कोविड-19 महामारी के दौरान आपूर्ति बनाए रखने का उदाहरण देते हुए सदस्यों से अभी भी वैसा ही अप्रोच दिखाने का आग्रह किया और सप्लाई चेन को सुचारू रूप से चलाने तथा इसे बाधित करने वाली गतिविधियों से बचने की सलाह दी।

    खबरें और भी

    ये भी पढ़ें: E20 फ्यूल के विरोध के बीच इथेनॉल को बढ़ाने के लिए सरकार ने कसी कमर, रॉ मैटेरियल के लिए FCI के साथ मिलकर बनाया मास्टर प्लान!

    उन्होंने सदस्यों से घबराहट में खरीदारी (Panic buying) या सट्टेबाजी के लिए स्टोर करने से बचने, सरकारी नियमों का पालन करने और भ्रामक सूचनाओं या अफवाहों को नजरअंदाज करने का भी आग्रह किया।

    कितने बढ़े शक्कर के दाम?

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश भर में औसत खुदरा चीनी की कीमत एक महीने पहले के ₹47.01 प्रति किलो, तीन महीने पहले के ₹46.48/किलो और छह महीने पहले के ₹46.34/किलो से बढ़कर 17 जुलाई को ₹47.9/किलो हो गई है। थोक बाजार में, पिछले छह महीनों में कीमतें बढ़कर ₹4,294.70/किलो से 17 जुलाई तक ₹4,447.57/क्विंटल हो गई हैं।