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    सोने के बाद चांदी पर भी सरकार की सख्ती, DGFT ने बदले इंपोर्ट के ये नियम; जानें क्या होगा असर?

    Updated: Sat, 16 May 2026 08:30 PM (IST)

    केंद्र सरकार ने सोने के बाद अब चांदी के आयात नियमों को भी सख्त कर दिया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने कुछ चांदी उत्पादों के आयात को 'मुक्त' स ...और पढ़ें

    सोने के आयात पर सख्ती के बाद, अब चांदी के आयात नियमों में भी बड़ा बदलाव।

    सोने के आयात पर सख्ती के बाद, अब चांदी के आयात नियमों में भी बड़ा बदलाव।

    HighLights

    1. सरकार ने चांदी के आयात नियमों को सख्त किया।

    2. DGFT ने कुछ चांदी उत्पादों को प्रतिबंधित श्रेणी में डाला।

    3. बढ़ते आयात बिल और व्यापार घाटे को नियंत्रित करना लक्ष्य।

    नई दिल्ली। सोने (Gold) के आयात पर सख्ती बरतने के बाद, अब केंद्र सरकार ने चांदी (Silver) के आयात नियमों में भी बड़ा बदलाव किया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाले विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने एक अहम नोटिफिकेशन जारी करते हुए चांदी के कुछ खास उत्पादों के आयात (Import) को 'फ्री' से हटाकर 'प्रतिबंधित'श्रेणी में डाल दिया है।

    यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। 16 मई 2026 को DGFT के महानिदेशक लव अग्रवाल की तरफ से जारी इस नोटिफिकेशन ने बुलियन मार्केट और ज्वैलरी सेक्टर में हलचल तेज कर दी है।

    Silver import rules

    सोने के बाद चांदी पर क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?

    लगातार बढ़ते आयात बिल और विदेशी मुद्रा भंडार को संतुलित रखने के लिए सरकार यह कदम उठा रही है। हाल ही में सरकार ने सोने के आयात को लेकर भी नियम कड़े किए थे। अब उसी तर्ज पर चांदी के आयात को रेगुलेट करने की तैयारी है। इसके जरिए सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि चांदी का आयात केवल अधिकृत और तय नियमों के तहत ही हो, ताकि व्यापार घाटे को नियंत्रण में रखा जा सके।

    क्या हैं नए नियम और किन सिल्वर उत्पादों पर पड़ेगा असर?

    DGFT के नए नोटिफिकेशन के मुताबिक, ITC (HS) कोड 71069221 और 71069229 के तहत आने वाले चांदी के उत्पादों पर यह नियम लागू होगा। पहले 99.9% शुद्धता वाले सिल्वर बार और कुछ अन्य अर्ध-निर्मित चांदी उत्पादों का आयात 'Free' कैटेगरी में था, जो कि सिर्फ RBI की गाइडलाइंस के अधीन था। नई श्रेणी में अब इन उत्पादों को प्रतिबंधित कैटेगरी में डाल दिया गया है।

    अब इनके आयात के लिए चैप्टर 71 के तहत पॉलिसी कंडीशन नंबर 7 का पालन करना अनिवार्य होगा। इसका मतलब है कि अब आयातकों को सरकार से विशेष लाइसेंस या अनुमति लेनी होगी।

    आम आदमी और ज्वैलर्स के लिए इसके क्या मायने हैं?

    इस फैसले से आम आदमी पर सीधा असर भले ही तुरंत न दिखे, लेकिन बुलियन व्यापारियों और ज्वैलर्स के लिए विदेश से चांदी मंगाना अब पहले जैसा आसान नहीं रहेगा। 'प्रतिबंधित' श्रेणी में आने का मतलब यह नहीं है कि चांदी का आयात पूरी तरह से बंद हो जाएगा, बल्कि अब इसके लिए कागजी कार्रवाई और सरकारी मंजूरियों का दायरा बढ़ जाएगा। इससे सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है, जिसके परिणामस्वरूप आने वाले दिनों में घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

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