यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कितने तरह के होते हैं ITR फॉर्म, जानिए किसे किस Form की जरूरत
पिछले वित्त वर्ष के लिए आयकर विभाग ने आईटीआर फाइल करने के लिए अलग-अलग फॉर्म को ऑनलाइन भरने की सुविधा शुरू कर दी है। आगर आप भी आईटीआई फाइल करने वाले है ...और पढ़ें

नई दिल्ली,बिजनेस डेस्क: वित्त वर्ष 23 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने की आखिरी तारिख 31 जुलाई है। इसके लिए आयकर विभाग ने आईटीआर 1,2,3 और 4 को ऑनलाइन दाखिल करने की सुविधा दी है। यह चारों फॉर्म अलग-अलग व्यक्तियों के लिए हैं।
यदि सभी स्रोतों से आपकी कुल आय बेसिक छूट की सीमा से अधिक है, तो आपको अनिवार्य रूप से अपना आईटीआर दाखिल करना होगा। लेकिन आयकर विभाग के इन चार फॉर्म में से आपके लिए कौन से फॉर्म हैं और इन फॉर्म का क्या मतलब होता है आज हम आपको यही बताने जा रहे हैं।
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सही फॉर्म चुनना क्यों जरूरी?
आईटीआर फाइल करते वक्त सबसे जरूरी काम होता है अपने लिए फॉर्म चुनना क्योंकि गलत फॉर्म चुनने से आपकी फाइलिंग गलत हो जाती है जिससे आयकर विभाग द्वारा आपका फॉर्म खारिज कर दिया जाता है।
आमतौर पर लोग आईटीआर फाइल करते वक्त गलत फॉर्म का चयन कर लेते हैं। आपको बता दें कि आपके लिए कौन सा फॉर्म सही है यह आपके इनकम और वो इनकम किस प्रकार से आता है इसपर निर्भर करता है।
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किसके लिए है फॉर्म 1?
यदि आप एक वेतनभोगी व्यक्ति हैं तोआपके लिए फॉर्म 1 है। यह फॉर्म साधारण निवासी व्यक्ति (हिंदू अविभाजित परिवार नहीं) द्वारा दायर किया जा सकता है, जिसकी आय 50 लाख रुपये तक है। इस कुल आय में वेतन या पेंशन से आय, एक घर की संपत्ति से आय, अन्य स्रोतों से आय जैसे कि बैंक खाते से ब्याज शामिल है।
किसके लिए है फॉर्म 2?
यदि आपके पास वेतनभोगी आय और निवेश से पूंजीगत लाभ दोनों हैं तो आपके लिए फॉर्म 2 है। 50 लाख रुपये से अधिक की कुल आय वाले व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार आईटीआर-2 फाइल कर सकते हैं।
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