यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
New Tax Rules: 1 अप्रैल से लागू होने वाले हैं ये 5 नए टैक्स नियम, जानिए आपकी जेब पर क्या होगा असर?
1 अप्रैल से नया वित्त वर्ष (New financial year) शुरू हो रहा है। टैक्स से जुड़े नए बदलाव भी इसी दिन से लागू होते हैं। इस बार 1 अप्रैल से नए और पुराने ट ...और पढ़ें

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। 1 अप्रैल से नए वित्त वर्ष यानी 2024-25 की शुरुआत हो जाएगी। यह दिन पर्सनल फाइनेंस के लिहाज से काफी अहम होता है, क्योंकि टैक्स से जुड़े कई बदलाव इसी दिन से लागू होते हैं। बजट में हुए बहुत से एलान भी 1 अप्रैल से ही अमल में लाए जाते हैं।
इस बार भी टैक्स स्लैब, बीमा पॉलिसी और स्टैंडर्ड डिडक्शन से जुड़े कुछ नए नियम 1 अप्रैल से लागू होने वाले हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि ये टैक्स बदलाव क्या हैं और इनका आपकी जेब पर क्या असर होगा।
नया टैक्स रिजीम होगा डिफॉल्ट
अगर आपने पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) और नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) में से कोई नहीं चुना है, तो आप 1 अप्रैल से ऑटोमैटिक न्यू टैक्स रिजीम में चले जाएंगे।
नई टैक्स व्यवस्था में आपको 7 लाख रुपये तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। लेकिन, अगर आप निवेश करके टैक्स बचाना चाहते हैं, आपके लिए पुराना टैक्स रिजीम बेहतर हो सकता है।
स्टैंडर्ड डिडक्शन अब न्यू टैक्स रिजीम में
पहले सिर्फ ओल्ड टैक्स रिजीम में 50 हजार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन लागू था। अब इसे न्यू टैक्स रिजीम में शामिल कर दिया गया है। स्टैंडर्ड डिडक्शन के तहत 50 हजार रुपये पर टैक्स छूट मिलती है, मतलब कि आपको स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद साढ़े सात लाख रुपये तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा।
इस छूट से कुछ लोगों को इतना फायदा हो जाता है कि इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 87ए की रिबेट के साथ उन पर कोई टैक्स नहीं लगता। 5 लाख रुपये से कम की टोटल कुल कमाई वालों को 87A से 12,500 रुपये तक की छूट मिल जाती है।
खबरें और भी
प्राइवेट नौकरी वालों को यहां टैक्स में फायदा
अगर आप प्राइवेट सेक्टर में काम करते हैं और कम छुट्टियां लेते हैं, तो आपको छुट्टियों के बदले मिलने वाले पैसों पर ज्यादा टैक्स छूट मिलने वाली है। पहले अगर कोई गैर-सरकारी कर्मचारी अपनी बची छुट्टियों के बदले कंपनी से पैसा लेता था, तो बस 3 लाख रुपये तक की रकम ही टैक्स-फ्री होती थी। लेकिन, अब यह लिमिट 25 लाख रुपये तक कर दी गई है।
5 करोड़ से अधिक कमाई वालों का ज्यादा बचेगा टैक्स
1 अप्रैल से 5 करोड़ रुपये से अधिक की सालाना आमदनी वालों को भी तगड़ा फायदा होगा। सरकार ने 5 करोड़ से अधिक की आमदनी पर लगने वाले सरचार्ज में 12 फीसदी की कमी की है। पहले यह 37 फीसदी था, जो 1 अप्रैल से 25 फीसदी हो जाएगा। हालांकि, यह फायदा उन्हीं लोगों को मिलेगा, जो नई टैक्स व्यवस्था को चुनेंगे।
बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी इनकम पर भी टैक्स
अब जीवन बीमा पॉलिसी से मिली मैच्योरिटी इनकम पर टैक्स देना होगा। इसका एलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया था। जो भी पॉलिसी 1 अप्रैल 2023 या उसके बाद जारी हुई हैं, वो इस नियम के दायरे में आएंगी। हालांकि, यह टैक्स उन्हीं लोगों को देना होगा, जिनका कुल प्रीमियम 5 लाख रुपये से अधिक होगा।


