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Mutual Fund में निवेशक की मौत के बाद क्लेम करना और भी आसान, एड्रेस और सिग्नेचर मिसमैच नहीं बनेंगे समस्या

Published: Fri, 17 Jul 2026 07:48 PM (GMT+05:30)

AMFI ने निवेशक की मृत्यु के बाद म्यूचुअल फंड क्लेम प्रक्रिया को सरल बनाया है। अब पते और हस्ताक्षर में ...और पढ़ें

Mutual Fund में क्लेम की प्रक्रिया में संशोधन

Mutual Fund में क्लेम की प्रक्रिया में संशोधन

HighLights

  1. AMFI ने म्यूचुअल फंड क्लेम प्रक्रिया को सरल बनाया।

  2. पते और हस्ताक्षर की छोटी गलतियों पर मिलेगी छूट।

  3. नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू, नॉमिनी को फायदा।

नई दिल्ली| Mutual Fund सही है! इस स्लोगन को फॉलो करते हुए आज अधिकांश लोग इसमें पैसे लगा रहे हैं। हालांकि निवेशकों को एक बड़ा डर राशि क्लेम करने का रहता है। कई बार निवेशकों की मृत्यु के बाद परिवार को क्लेम करने में समस्याएं आती हैं। अब म्यूचुअल फंड उद्योग की संस्था AMFI (एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया) ने निवेशक की मृत्यु के बाद म्यूचुअल फंड यूनिट्स (Mutual Fund Units) या उनकी राशि के ट्रांसमिशन की प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए नए बदलावों किए हैं।

AMFI ने कहा कि हाल के दिनों में कई परिवारों को क्लेम प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों में छोटी-मोटी विसंगतियों के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इन्हें दूर करने और नामित व्यक्ति (Nominee) को क्लेम का पैसा आसानी से दिलाने के लिए प्रक्रिया में संशोधन किया गया है।

कौन से जरूरी बदलाव हुए हैं?

  • पता (Address) में अंतर होने पर राहत: यदि मृतक यूनिट धारक के रिकॉर्ड में दर्ज पते और उपलब्ध दस्तावेजों में अंतर पाया जाता है, तो एसेट मैनेजमेंट कंपनियां (AMCs) अब नवीनतम उपलब्ध पते को स्वीकार कर सकेंगी, हालांकि उचित साक्ष्य और दस्तावेज लगाना जरूरी होगा।
  • नाम और सिग्नेचर की छोटी गलतियों पर आसान नियम: कई बार नामों में विसंगति और सिग्नेचर की छोटी-मोटी गलतियों के कारण क्लेम करना मुश्किल हो जाता था। यूनिट धारक के नाम या हस्ताक्षर में मामूली अंतर होने पर AMCs अब रजिस्ट्रार एवं ट्रांसफर एजेंट्स (RTAs) के लिए सेबी के मास्टर सर्कुलर में दिए गए नियमों के अनुसार सरल प्रक्रिया अपना सकेंगी।

तत्काल लागू होंगे ये नियम

AMFI के अनुसार, नियमो में हुए ये संशोधन दिशानिर्देश सभी सदस्य एसेट मैनेजमेंट कंपनियों को भेज दिए गए हैं और ये तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। संस्था ने यह भी जानकारी दी कि इन बदलावों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए AMCs के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि सभी कंपनियां एक समान तरीके से नए नियमों का पालन कर सकें।

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संस्था का मानना है कि इससे निवेशकों के परिजनों को दावा करने में आसानी होगी और निवेशकों को प्रोत्साहन मिलेगा। कई बार नाम, सिग्नेचर और एड्रेस में मिसमैच होने के कारण क्लेम करने में दिक्कतें आती थीं। अब सस्था ने इसे आसान बनाने का संशोधन किया और इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।

 

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