EPF Calculation: ₹15000 से ₹25000 की लिमिट बढ़ने से रिटायरमेंट पर कैसे होगा ₹20 लाख से ज्यादा का फायदा?
EPFO Update: ईपीएफओ ने वेज सीलिंग ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 कर दी है, जिससे 51 लाख से अधिक कर्मचारियों को ...और पढ़ें

EPF Update: ₹15000 से ₹25000 की लिमिट बढ़ने से रिटायरमेंट पर कैसे होगा ₹20 लाख से ज्यादा का फायदा? यहां समझिए
HighLights
ईपीएफओ ने वेज सीलिंग ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 की।
नए नियम से रिटायरमेंट फंड में ₹20 लाख से अधिक का लाभ।
कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी पर मामूली असर पड़ सकता है।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। EPFO ने हाल ही में वेज सीलिंग (PF Wage Ceiling Limit) की लिमिट को ₹15000 से बढ़ाकर ₹25000 कर दिया, जिससे देश के 51 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। सरकार के इस नियम को कर्मचारियों को सोशल सिक्योरिटी (EPS, EPS & EDLI) का भी फायदा मिलेगा। अब सवाल ये है कि वेतन सीमा बढ़ने से रिटायरमेंट (Retirement Corpus) पर जमा होने कॉर्पस में इजाफा कैसे होगा? आइए विस्तार से समझते हैं।
पैसे कैसे बढ़ेंगे?
एक्सपर्ट का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति ज्यादा पैसा पीएफ अकाउंट से निकाल (PF Account Withdrawal) पाएगा तो, ये कोई सरकार के द्वारा दिए जाने वाला तोहफा नहीं, बल्कि ईपीएफ कॉर्पस का नतीजा है। क्योंकि अब वेतन सीमा बढ़ गई है तो अब कर्मचारियों के पीएफ अकाउंट में उनका और कंपनी का योगदान भी ज्यादा कटेगा, जिसका नतीजा ये होगा कि कंपाउंडिंग इंटरेस्ट के साथ समय के साथ बड़ा फंड बन जाएगा।
EPF का नियम कहता है कि आप अपने कुल फंड का 75% हिस्सा जरूरत के टाइम पर निकाल सकते हैं, जबकि बाकी का 25% फंड अकाउंट में न्यूनतम बैलेंस के रूप में रखना जरूरी होता है। इसे नीचे दिए गए उदाहरण के रूप में समझा जा सकता है-
8.25% ब्याज दर के आधार पर:
- पुराना नियम (₹15,000 की सीमा):
- हर महीने कुल योगदान (Employee + Employer का हिस्सा मिलाकर लगभग 15.67%): ₹2,350.50
- 10 साल बाद कुल फंड: लगभग ₹4.36 लाख
- 75% तक निकाली जाने वाली रकम: लगभग ₹3.27 लाख
- नया नियम (25,000 रुपये की सीमा):
- हर महीने कुल योगदान: ₹3,917.50
- 10 साल बाद कुल फंड: लगभग ₹7.27 लाख
- 75% तक निकाली जाने वाली रकम: लगभग ₹5.45 लाख
कैलकुलेशन में साफ देखा जा सकता है कि नए नियम के हिसाब से अब आप अकाउंट से ज्यादा पैसे निकाल पाएंगे।
कितना बढ़ेगा रिटायरमेंट फंड?
जिस तरीके से इस नए नियम का असर पीएफ कॉर्पस पर पड़ा, ठीक इसी तरह से इसका असर रिटायरमेंट कॉर्पस पर भी पड़ेगा। पुराने नियम के हिसाब से 10 साल में लगभग ₹4.4 लाख का फंड जमा होता था, वो अब नए नियम के हिसाब से ₹7.3 लाख होगा। वहीं रिटायरमेंट पर यानी कि 30 सालों में पहले जो ₹35 लाख का फंड जमा होता था, वो नए नियम के हिसाब से ₹58 लाख हो जाएगा। यानी कि आपका रिटारमेंट फंड भी काफी बड़ा होगा।
टेक-होम सैलरी पर क्या होगा असर?
सरकार के इस नए नियम से टेक होम सैलरी कम हो सकती है। जो कर्मचारी पहले 15,000 की लिमिट के हिसाब से हर महीने 1,800 रुपये PF कटवाते थे, उनका योगदान बढ़कर अब 3,000 रुपये हो जाएगा। यानी सीधे तौर पर 1,200 रुपये महीना टेक-होम सैलरी कम हो जाएगी। वहीं कंपनी का योगदान भी इसी रेशियो में बढ़ेगा, जिसका एक हिस्सा EPS (पेंशन) और बाकी हिस्सा EPF में जाएगा।
क्या सबको मिलेगा इसका फायदा?
नहीं, ये हर कर्मचारी पर लागू नहीं होगा। ये नियम उन लोगों के लिए ज्यादा असरदार है जिनकी बेसिक सैलरी 15,000 से 25,000 रुपये के बीच है। जिनकी सैलरी पहले से ही इस लिमिट से ज्यादा है और कंपनियां असल सैलरी पर PF काट रही थीं, उनकी सेहत पर इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा।
