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    EPFO Update: अलर्ट! शादी के बाद तुरंत करें EPF से जुड़ा ये काम, वरना अटक सकता है आपका पैसा!

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 11:41 AM (GMT+05:30)

    EPFO के नए नियमों (EPF Scheme 2026) के तहत शादी के बाद पुराना नॉमिनेशन अमान्य हो जाता है, इसलिए इसे तुरंत अपडेट करना अनिवार्य है। ...और पढ़ें

    EPFO नॉमिनी क्यों है जरूरी?

    EPFO नॉमिनी क्यों है जरूरी?

    HighLights

    1. EPF स्कीम 2026 के तहत शादी के बाद पुराना नॉमिनेशन अमान्य।

    2. परिवार को PF/EPS/EDLI लाभ हेतु नया नॉमिनेशन करना अनिवार्य।

    3. नॉमिनेशन अपडेट न करने पर वित्तीय नुकसान और क्लेम में देरी।

    नई दिल्ली: अगर आप कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सदस्य हैं और हाल ही में आपकी शादी हुई है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। अक्सर लोग शादी के बाद अपने ईपीएफ (EPF) खाते में जीवनसाथी या नए परिवार के सदस्यों को नॉमिनी (Nominee) बनाना भूल जाते हैं। लेकिन EPFO के नए नियमों (EPF Scheme 2026) के तहत, आपकी यह भूल आपके परिवार को भारी नुकसान पहुंचा सकती है।

    शादी के बाद क्यों अमान्य हो जाता है पुराना PF नॉमिनेशन?

    29 जून 2026 को अधिसूचित (Notified) हुई नई 'ईपीएफ स्कीम 2026' (EPF Scheme 2026) के तहत नियमों में एक बड़ा बदलाव किया गया है। इस नई स्कीम के पैराग्राफ 44 के अनुसार, "शादी होने पर सदस्य को नया नॉमिनेशन करना होगा और शादी से पहले किया गया कोई भी नॉमिनेशन अमान्य (Invalid) माना जाएगा।"

    यानी अगर आपने नौकरी की शुरुआत में अपने माता-पिता या किसी अन्य रिश्तेदार को नॉमिनी बनाया था और अब आपकी शादी हो गई है, तो आपका वह पुराना नॉमिनेशन अपने आप रद्द हो गया है। अब आपको ईपीएफओ पोर्टल पर जाकर नया ई-नॉमिनेशन फाइल करना अनिवार्य है।

    क्या सिर्फ जीवनसाथी (Spouse) को ही नॉमिनी बनाना जरूरी है?

    यह एक आम सवाल है जिसका जवाब है नहीं। नए नियम के मुताबिक, यह बिल्कुल अनिवार्य नहीं है कि आप अपनी पत्नी या पति को ही 100% शेयर दें या सिर्फ उन्हें ही नॉमिनी बनाएं। आप अपने परिवार के किसी भी पात्र सदस्य को नॉमिनी बना सकते हैं।

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    हालांकि, नया नॉमिनी आपके "परिवार (Family)" का ही हिस्सा होना चाहिए। EPF स्कीम 2026 में 'परिवार' की परिभाषा 'सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 (Code on Social Security, 2020)' से ली गई है। यदि कोई विवाहित सदस्य शादी के बाद परिवार से बाहर के किसी व्यक्ति को नॉमिनी बनाता है, तो कानूनन उस नॉमिनेशन को भी पैराग्राफ 44(3) के तहत अमान्य घोषित कर दिया जाएगा।

    नॉमिनेशन अपडेट न करने के क्या हैं बड़े नुकसान?

    एक्सपर्ट के मुताबिक, ईपीएफ-ईपीएस खाताधारक की शादी होने के बाद, उसे ईपीएफ-ईपीएस खाते में नॉमिनी को फिर से नॉमिनेट करना चाहिए।" अगर खाताधारक ऐसा नहीं करता है और किसी अनहोनी की स्थिति में उसकी मृत्यु हो जाती है, तो परिवार वालों को EPF (Provident Fund) और EPS (Pension) का पैसा अपने आप नहीं मिलेगा। क्लेम सेटलमेंट में काफी देरी का सामना करना पड़ सकता है।

    इसके साथ ही ईपीएफ खाते के साथ EDLI (Employees’ Deposit Linked Insurance) स्कीम जुड़ी होती है, जिसके तहत सदस्य की मृत्यु होने पर नॉमिनी को 7 लाख रुपये तक का मुफ्त जीवन बीमा मिलता है। नॉमिनेशन न होने पर इस क्लेम को हासिल करने में परिवार को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

    EPFO ई-नॉमिनेशन फाइल करने की कोई अंतिम समय सीमा (Deadline) नहीं है, लेकिन शादी या परिवार में नए बच्चे के जन्म जैसे बड़े बदलावों के तुरंत बाद इसे अपडेट कर लेना सबसे समझदारी भरा कदम है।

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