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    FD vs RD में कैसे होता है कैलकुलेशन, 5 साल में ₹2 लाख पर कहां मिलेगा ज्यादा ब्याज? 5 पॉइंट में समझें पूरा गणित

    Updated: Tue, 16 Dec 2025 06:31 PM (GMT+05:30)

    FD vs RD Calculation: फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में एक बार में पूरी रकम जमा की जाती है, जबकि रेकरिंग डिपॉजिट (RD) में हर महीने एक निश्चित राशि जमा होती है। ...और पढ़ें

    FD vs RD में कैसे होता है कैलकुलेशन, 5 साल में ₹2 लाख पर कहां मिलेगा ज्यादा ब्याज? 5 पॉइंट में समझें पूरा गणित

    FD vs RD में कैसे होता है कैलकुलेशन, 5 साल में ₹2 लाख पर कहां मिलेगा ज्यादा ब्याज? 5 पॉइंट में समझें पूरा गणित

    HighLights

    1. FD में एकमुश्त, RD में हर महीने जमा

    2. FD में कंपाउंडिंग का फायदा ज्यादा

    3. टैक्स के नियम भी जानना जरूरी

    FD vs RD Calculation: जब थोड़ी-थोड़ी बचत हाथ में आती है, तो सवाल उठता है कि आखिर FD करें या फिर RD? क्योंकि, दोनों ही निवेश के सुरक्षित तरीके हैं। बैंक भरोसेमंद हैं और ब्याज दरें भी लगभग एक जैसी दिखती हैं। लेकिन असली खेल कैलकुलेशन का है। कई लोग सोचते हैं कि कुल रकम बराबर हो तो रिटर्न भी बराबर मिलेगा, जबकि हकीकत इससे अलग है।

    ऐसे में सवाल उठता है कि एफडी और आरडी में फर्क क्या है? दोनों में ब्याज कितना मिलता है? और सबसे अहम सवाल यह है कि अगर 5 साल में 2 लाख रुपए निवेश किए जाएं तो कौन ज्यादा रिटर्न (FD vs RD Return) देगा? तो चलिए समझते हैं पूरा कैलकुलेशन।

    पांच पॉइंट्स में वो सबकुछ जो जानना जरूरी है!

    1. FD और RD में पैसा जमा करने का तरीका क्या है? (What is the method of depositing money in FD and RD?)

    FD यानी फिक्स्ड डिपॉजिट, इसमें आप एक साथ पूरी रकम बैंक में जमा करते हैं। पैसा पहले दिन से लॉक हो जाता है और उसी दिन से पूरी रकम पर ब्याज मिलना शुरू हो जाता है। जबकि RD यानी रेकरिंग डिपॉजिट में हर महीने एक तय राशि जमा होती है। यह बिल्कुल EMI जैसा है, जहां हर किस्त अलग तारीख से बैंक में जाती है।

    2. ब्याज की गणना में कहां है असली फर्क? (What is the difference in interest calculation between FD and RD?)

    FD में पूरी रकम पूरे समय तक ब्याज कमाती है, इसलिए कंपाउंडिंग का फायदा ज्यादा मिलता है। RD में पहली किस्त 5 साल तक ब्याज कमाती है, लेकिन आखिरी किस्त को सिर्फ कुछ महीनों का ही ब्याज मिलता है। इसी वजह से कुल ब्याज कम बनता है।

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    मान लीजिए ब्याज दर सालाना 7 फीसदी है। और अगर आप FD में 2 लाख रुपए 5 साल के लिए रखते हैं, तो मैच्योरिटी पर करीब 2,82,956 रुपए मिलेंगे। वहीं RD में 5 साल तक हर महीने करीब 3,334 रुपए (कुल 2 लाख) जमा करने पर मैच्योरिटी अमाउंट लगभग 2,39,824 रुपए बनता है। यानी FD में करीब 43 हजार रुपए ज्यादा मिलते हैं।

    4. FD या RD, किसे चुनना ज्यादा समझदारी है? (Which is wiser to choose, FD or RD?)

    अगर आपके पास एकमुश्त रकम है- जैसे बोनस, PF या कोई सेविंग तो FD ज्यादा फायदेमंद है। अगर आप सैलरी से हर महीने बचत करना चाहते हैं और डिसिप्लिन बनाना चाहते हैं, तो RD बेहतर विकल्प है।

    5. टैक्स का क्या असर पड़ता है? (What is the tax impact on FD or RD?)

    FD और RD दोनों पर मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है। तय सीमा से ज्यादा ब्याज होने पर बैंक TDS काट सकता है। ज्यादा रिटर्न यानी टैक्स की देनदारी भी थोड़ी ज्यादा, यह बात ध्यान में रखना जरूरी है।

    "पर्सनल फाइनेंस से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"