₹10 लाख रुपये की एक FD या ₹1-1 लाख की 10 FD? बेटी की शादी के समय पर कौन आएगा ज्यादा काम? पूरा कैलकुलेशन
FD Calculation: यह लेख बेटी की शादी जैसे भविष्य के खर्चों के लिए एक बड़ी या कई छोटी एफडी में निवेश करने की तुलना करता है। इसमें दोनों विकल्पों के फायद ...और पढ़ें

₹10 लाख रुपये की एक FD या ₹1-1 लाख की 10 FD? बेटी की शादी के समय पर कौन आएगा ज्यादा काम? पूरा कैलकुलेशन
HighLights
₹10 लाख की एक FD में कम कागजी काम।
₹1-1 लाख की 10 FD में अधिक लचीलापन।
आपातकाल में छोटी FD तोड़ना अधिक फायदेमंद।
नई दिल्ली। क्या आपको भी रात-दिन अपनी बेटी की शादी की चिंता सताती रहती है? भले ही आपकी बेटी छोटी हो लेकिन क्या आप भी शादी के खर्चे के बारे में सोचकर परेशान हो जाते हैं और बचत का कुछ पैसा किसी सेफ जगह पर निवेश करना चाहते हैं, जहां से रिटर्न अच्छा मिल सके? तो ये खबर आपके लिए है।
दरअसल, चाहे बच्चों की शादी हो या पढ़ाई, हर मां-बाप को अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सताती रहती है। कई लोग बचत करने के लिए शेयर मार्केट का रुख करते हैं, तो कुछ एफडी जैसे सेफ ऑप्शन को चुनते हैं। लेकिन एफडी के साथ जाने वाले लोगों की मन कई बार ये आशंका रहती है कि एक एफडी से उनके पास बड़ा फंड तैयार होगा या फिर छोटी-छोटी कई एफडी से? आइए ऐसे में आपको पूरे कैलकुलेशन के जरिए समझाते हैं कि ₹10 लाख एक एफडी या ₹1-₹1 लाख की 10 एफडी, कौन सी आपके लिए फायदेमेंद है।
क्या होती है एफडी?
एफडी का मतलब होता है फिक्स डिपॉजिट। जहां निवेशक बैंक या फिर पोस्ट ऑफिस जैसी जगह पर आप कुछ टाइम के लिए पैसा एक अकाउंट में लॉक कर देतें हैं। अकाउंट में लॉक किए गए पैसे पर आपको तय ब्याज मिलता है और फिर मैच्योरिटी पर आपको ब्याज सहित पूरी रकम वापस मिल जाती है। एफडी में भले ही ब्याज कम मिलता है लेकिन वो शेयर मार्केट से ज्यादा सुरक्षित रहती है।
₹10 लाख की एक एफडी के फायदे:
अगर आप 10 लाख रुपये की रकम एक साथ 10 साल के लिए 7% सालाना ब्याज पर जमा करते हैं, तो मैच्योरिटी पर आपको लगभग 19.67 लाख रुपये मिलेंगे। इसका फायदा ये होगा कि आपको सिर्फ एक ही बैंक अकाउंट संभालना होगा, एक ही मैच्योरिटी डेट याद रखनी होगी और कागजी कार्रवाई भी बहुत कम रहेगी।
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लेकिन, अगर मैच्योरिटी से पहले आपको अचानक कुछ रुपयों की जरूरत पड़ गई, तो आपको पूरी की पूरी 10 लाख रुपये की FD तोड़नी पड़ेगी। इस पर बैंक आपको प्री-मैच्योर विड्रॉल पेनल्टी लगाएगा, जिससे आपके ब्याज को नुकसान होगा। वहीं अगर बैंक डूबता है तो, DICGC के नियमों के मुताबिक आपको सिर्फ ₹5 लाख तक का ही इंश्योरेंस मिलेगा।
₹1-₹1 लाख की 10 एफडी के फायदे:
अगर आप छोटी-छोटी एफडी करवाते हैं तो भी एवरेज ब्याज आपको 7% मिलेगा। लेकिन छोटी एफडी करवाने से आपको इमरजेंसी में परेशानी नहीं होगी। बड़ी एफडी तुड़वाने के बजाए आप एक या दो एफडी तुड़वा पाएंगे। जिससे ब्याज पर होने वाला नुकसान कम होगा। वहीं अगर इन एफडी को अलग-अलग बैंक में रखेंगे तो अलग-अलग ब्याज दर का फायदा मिलेगा, साथ ही आपकी हर एफडी DICGC के नियमों के मुताबिक इंश्योर्ड होगी।
कैलकुलेशन से समझा जाए, तो अगर आप 7 फीसदी की दर से किसी बैंक ₹100000 जमा करते हैं तो 10 साल बाद वो ₹2,00,160 हो जाएंगे। और यही रकम 10 एफडी के लिए लगभग ₹20 लाख से ज्यादा होगी। यानी कि छोटी-छोटी एफडी करवाने में आपको थोड़ा बहुत एक्स्ट्रा फायदा मिल सकता है।
आपके लिए कौन सा रास्ता सही है?
सिंगल FD उनके लिए सही है जो बार-बार के रिन्यूअल के झंझट से बचना चाहते हैं और जिन्हें पूरा भरोसा है कि उन्हें मैच्योरिटी से पहले पैसों की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं मल्टीपल FDs उनके लिए अच्छा ऑप्शन हैं जो अपनी जमा पूंजी में लचीलापन चाहते हैं, इमरजेंसी फंड की गुंजाइश रखना चाहते हैं और सुरक्षित दांव खेलना पसंद करते हैं।