यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bank FD कराते समय ब्याज ही नहीं, मैच्योरिटी पीरियड के साथ इन बातों का भी रखें ध्यान; होगा अधिक मुनाफा
How to Select Best Bank FD बैंक एफडी कराते समय हमें कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं का ध्यान रखना चाहिए। इन बिंदुओं के बारे में हम विस्तार से नीचे अपनी रिपोर्ट ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। आरबीआई की ओर से रेपो रेट बढ़ाने के कारण मौजूदा समय में लगभग सभी सरकारी और निजी क्षेत्र के बैंक एफडी की ब्याज दरों में इजाफा कर रहे हैं। इस कारण बड़ी संख्या में निवेशक भी एफडी की बढ़ी हुई ब्याज दरों पर निवेश कर रहे हैं।
बता दें, बैंक एफडी कराते समय आपको ब्याज दरों के साथ कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए, अन्यथा आपका बड़ा नुकसान हो सकता है। अपनी रिपोर्ट में हम इन्हीं बातों के बारे में बताने जा रहे हैं।
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एक साथ पूरा पैसा न करें निवेश
कभी भी आपको एक ही एफडी में पूरा निवेश नहीं करना चाहिए, बल्कि टुकड़ों में करना चाहिए। उदाहरण के लिए, आपको पांच लाख रुपये की एफडी करानी है, तो फिर एक लाख-एक लाख रुपये की एफडी पांच भागों में करें। इसका फायदा ये होगा कि अगर आप एक-एक लाख रुपये की एफडी कराते हैं तो जरूरत के समय कुछ एफडी को तुड़वाकर आप अपना काम निकाल सकते हैं। इससे नुकसान भी कम होगा।
एफडी की अवधि
अधिक ब्याज दर के लालच में आपको कभी भी बहुत लंबा मैच्योरिटी पीरियड नहीं चुनना चाहिए। अगर आप ऐसा करते हैं तो जरूरत पड़ने पर एफडी तुड़वानी पड़ेगी और प्रीमैच्योर विड्ऱॉल करने के कारण आपको एक प्रतिशत तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।
ब्याज के साथ देखें एफडी लोन रेश्यो
एफडी पर सभी बैंक लोन की सुविधा देते हैं। इस कारण ब्याज के साथ एफडी लोन रेश्यो देखना भी काफी महत्वपूर्ण होता है, जिससे आप जरूरत पड़ने पर एफडी को गिरवी रखकर लोन ले सकते हैं। ये 90 प्रतिशत तक हो सकता है।
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ब्याज का भुगतान
अगर आप एफडी नियमित आय प्राप्त करने के लिए करा रहे हैं, तो ये फैक्टर काफी अहम हो जाता है। ऐसे में एफडी कराने के साथ ये जान लेना चाहिए कि बैंक ब्याज भुगतान का क्या विकल्प दे रहा है। आमतौर पर बैंक मासिक, तिमाही और सालाना ब्याज भुगतान का विकल्प देते हैं।
सीनियर सिटीजन को अतिरिक्त ब्याज
सभी बैंक सीनियर सिटीजन को अतिरिक्त ब्याज देते हैं। ये 0.50 प्रतिशत से लेकर 0.75 प्रतिशत तक हो सकती है। ऐसे में घर में मौजूद सीनियर सिटीजन के नाम पर एफडी कराना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।
