भारत की इन 3 सरकारी डिफेंस कंपनियों का दुनिया में दबदबा, तीनों शेयर हैं दमदार; टॉप 100 में बनाई जगह
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की टॉप 100 डिफेंस कंपनियों में भारत की तीन कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनि ...और पढ़ें

भारत की इन 3 सरकारी डिफेंस कंपनियों का दुनिया में दबदबा, तीनों शेयर हैं दमदार; टॉप 100 में बनाई जगह
नई दिल्ली। आज के समय में दुनिया के हर एक देश अपना रक्ष खर्च बढ़ा रहे हैं। इसका सीधा फायदा डिफेंस सेक्टर की कंपनियों को होता है। उन्हें नए-नए हथियार बनाने का टेंडर मिलता है। शेयर बाजार में उनके शेयरों में तेजी आती है। डिफेंस सेक्टर को लेकर स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की सबसे बड़ी हथियार बनाने वाली और मिलिट्री सर्विस कंपनियों, यानी टॉप 100 कंपनियों का कुल हथियारों से होने वाला रेवेन्यू 2024 में $679 बिलियन तक पहुंच गया। यह अब तक रिकॉर्ड किया गया सबसे ऊंचा लेवल है। दुनिया की टॉप 100 डिफेंस कंपनियों में भारत की भी तीन कंपनियां शामिल हैं। इनके शेयरों ने भी शानदार प्रदर्शन किया है।
यह कुल बढ़ोतरी मुख्य रूप से यूरोप और यूनाइटेड स्टेट्स में स्थित कंपनियों के हथियारों से होने वाली कमाई में बढ़ोतरी के कारण हुई, क्योंकि दुनिया भर की सरकारों ने बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच हथियारों की खरीद बढ़ा दी थी।
टॉप 100 डिफेंस कंपनियों में भारत की ये तीन कंपनियां
- Hindustan Aeronautics (rank 44)
- Bharat Electronics (rank 58)
- Mazagon Dock (rank 91)
टॉप 100 में से 77 से ज्यादा कंपनियों ने 2024 में हथियारों से होने वाली कमाई में बढ़ोतरी की रिपोर्ट दी। और भारत में, हथियारों से होने वाली कुल कमाई 2024 में 8.2% बढ़कर $7.5 बिलियन हो गई। इस बीच, भारतीय कंपनियों में, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (रैंक 44) इस लिस्ट में सबसे आगे है, जो $3.8 बिलियन की हथियारों से होने वाली कमाई के साथ भारत की सबसे बड़ी हथियार बनाने वाली कंपनी बनी रही।
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (रैंक 58) ने टॉप 100 में शामिल भारतीय कंपनियों में हथियारों से होने वाली कमाई में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी दर्ज की, जो 24% बढ़कर $2.5 बिलियन हो गई। इस ग्रोथ का श्रेय भारत सरकार से इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और रडार के ऑर्डर को जाता है। तीसरी कंपनी मझगांव डॉक (रैंक 91) है, जिसकी हथियारों से होने वाली कमाई 2024 में 9.8% बढ़कर $1.23 बिलियन हो गई।
कमाई में भारत का हिस्सा सिर्फ 1.1%
हालांकि, कुल हथियारों से होने वाली कमाई में भारत का हिस्सा सिर्फ 1.1% है, जिससे एक बड़ा गैप दिखता है और यह पता चलता है कि आने वाले कुछ समय तक भारत का डिफेंस खर्च बढ़ता रहेगा। यह बात खासकर भारत की सीमाओं पर बढ़ते तनाव वाले जियोपॉलिटिकल हालात को देखते हुए सच है।
14 नवंबर 2025 तक, HAL का ऑर्डर बुक ₹2.3 ट्रिलियन था। यह ऑर्डर बुक काफी मज़बूत है, जिससे छह साल से ज़्यादा समय तक रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है। HAL मैनेजमेंट का यह भी कहना है कि इन ऑर्डर का मकसद FY33 तक मैन्युफैक्चरिंग लाइनों को बिज़ी रखना है।
BEL का ऑर्डर बुक ₹756 बिलियन था (31 अक्टूबर 2025 तक)। इसके अलावा, कंपनी को उम्मीद है कि FY26 में उसे ₹570 बिलियन के ऑर्डर मिलेंगे, जिससे ऑर्डर बुक बढ़कर लगभग ₹1,300 बिलियन हो जाएगा।
30 सितंबर 2025 तक, मझगांव का ऑर्डर बुक ₹274.2 बिलियन था, और उम्मीद है कि FY27 तक यह बढ़कर ₹1 ट्रिलियन से ज्यादा हो जाएगा।
कैसे रही है शेयरों की चाल?
Hindustan Aeronautics के शेयरों ने 5 साल में 895.99% का रिटर्न, लेकिन पिछले एक साल में इसने -7.62% का नेगेटिव रिटर्न दिया है। वहीं, इस साल अब तक यह 2 फीसदी तक का रिटर्न दे चुका है। Bharat Electronics के शेयरों ने पिछले 5 सालों में 916.22% का रिटर्न, और एक साल में 23 फीसदी का रिटर्न दिया है, जबकि Mazagon Dock ने 5 साल में 2,541.03% का रिटर्न और एक साल में 1.98% का रिटर्न दिया है।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)