बिजली के तार वाले बिजनेस में कूदा आदित्य बिड़ला ग्रुप, पॉलीकैब और हैवेल्स जैसी कंपनियों को लगा झटका; शेयर धड़ाम
आदित्य बिड़ला ग्रुप की अल्ट्राटेक सीमेंट ने 'अल्ट्रावोल्ट' वायर्स और केबल्स बिज़नेस लॉन्च किया है, जिससे केबल बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट आई।

आदित्य बिड़ला समूह ने अल्ट्रावोल्ट ब्रांड लॉन्च किया।
HighLights
अल्ट्राटेक सीमेंट ने 'अल्ट्रावोल्ट' वायर्स और केबल्स बिज़नेस शुरू किया।
पॉलीकैब, केईआई, हैवेल्स जैसे केबल शेयरों में भारी गिरावट दर्ज।
अल्ट्राटेक का लक्ष्य 5 साल में टॉप 2 वायर कंपनियों में शामिल होना।
नई दिल्ली। केबल और वायर बनाने वाली कंपनियों में आज तेज गिरावट देखने को मिल रही है। पॉलीकैब इंडिया (Polycab India, केईआई इंडस्ट्रीज, आर आर केबल और हैवेल्स समेत कई शेयर बुरी तरह गिर गए हैं। इन शेयरों में गिरावट की वजह बनी आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट दरअसल, कंपनी ने 'अल्ट्रावोल्ट' (Ultravolt) वायर्स और केबल्स बिज़नेस लॉन्च किया है, जिसके बाद वायर्स और केबल्स बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है।
इस कदम से उस सेक्टर में कॉम्पिटिशन बढ़ने की चिंता पैदा हो गई है, जिस पर पहले से ही पॉलीकैब इंडिया, KEI इंडस्ट्रीज और RR काबेल जैसी स्थापित कंपनियों का दबदबा है।
पॉलीकैब से हैवेल्स में गिरावट
सबसे ज्यादा गिरावट KEI इंडस्ट्रीज़ के शेयरों में देखने को मिल रही है, और 6 फीसदी से ज्यादा गिर गए हैं। इसके अलावा, V-Marc इंडिया, Polycab इंडिया, R R Kabel, Finolex Cables और Havells इंडिया के शेयर भी 4 फीसदी तक टूट गए हैं।
अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में उछाल
उधर, केबल और वायर्स सेक्टर में उतरने के चलते अल्ट्राटेक के शेयरों में बढ़त देखने को मिली और वे 11,343 रुपये के स्तर पर पहुंच गए। 2026 में अब तक इस स्टॉक में 4.8 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि निफ्टी 50 में 8.6 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 3.34 लाख करोड़ रुपये से थोड़ा कम रहा।
आदित्य बिड़ला ग्रुप की अल्ट्राटेक सीमेंट के ज़रिए मार्केट में औपचारिक एंट्री के बाद, केबल और वायर बनाने वाली दूसरी कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई। अल्ट्राटेक ने इस नए बिज़नेस के लिए 1,800 करोड़ रुपये का निवेश करने का वादा किया है। 'अल्ट्रावोल्ट' को कंपनी की पहले तय समय-सीमा से पहले ही लॉन्च किया गया है और इसका मकसद अगले पांच सालों में भारत की टॉप दो वायर और केबल कंपनियों में शामिल होना है।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
