अनिल अग्रवाल की Vedanta का बड़ा दांव, ₹21 हजार करोड़ के लिए वेदांता एल्युमीनियम के 56% शेयरों पर ऐसा प्रतिबंध?
अनिल अग्रवाल की वेदांता रिसोर्सेज ने 2.25 बिलियन डॉलर का फंड जुटाया है, जिसके लिए वेदांता एल्युमीनियम के शेयरों पर ...और पढ़ें

वेदांता रिसोर्सेज ने 2.25 बिलियन डॉलर का फंड जुटाया।
HighLights
वेदांता रिसोर्सेज ने 2.25 बिलियन डॉलर का फंड जुटाया।
वेदांता एल्युमीनियम के शेयरों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं।
जुटाए गए फंड से मौजूदा कर्ज और कॉर्पोरेट जरूरतें पूरी होंगी।
नई दिल्ली। दिग्गज कारोबारी अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal Vedanta) की अगुवाई वाली वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड (VRL) ने एक महत्वपूर्ण वित्तीय समझौते के तहत भारी-भरकम फंड जुटाने की प्रक्रिया पूरी की है। कंपनी द्वारा स्टॉक एक्सचेंजों (BSE और NSE) को दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, वेदांता ने 2.25 बिलियन डॉलर (लगभग 21 हजार करोड़ रुपये) की अधिकतम सीमा वाले एक 'फैसिलिटी एग्रीमेंट' पर हस्ताक्षर किए हैं।
वेदांता ने अपनी एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि यह समझौता 20 जुलाई, 2026 को किया गया था। इसके तहत वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड (VAML) के शेयरों पर 'इनकम्ब्रेन्स' (Encumbrance) यानी कुछ प्रतिबंधात्मक शर्तें लगाई गई हैं। हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह शेयरों को गिरवी रखना (Pledge) नहीं है, बल्कि सेबी (SEBI) के नियमों के तहत एक विशेष व्यवस्था है।
शर्तों का Vedanta Aluminium पर क्या होगा असर?
समझौते की शर्तों के मुताबिक, वेदांता ग्रुप को VAML में कम से कम 50.1% हिस्सेदारी और नियंत्रण अपने पास बनाए रखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, ग्रुप की कोई भी इकाई इन शेयरों पर कोई अन्य सुरक्षा या गारंटी तब तक नहीं बना सकेगी जब तक यह समझौता प्रभावी है।
| प्रमोटर इकाई का नाम | कुल शेयरों की संख्या | कुल शेयर पूंजी का % | इनकम्ब्रेन्स (Encumbrance) के तहत शेयर |
| ट्विन स्टार होल्डिंग्स लिमिटेड (TSHL) | 1,56,48,05,858 | 40.02% | 1,56,48,05,858 |
| वेदांता होल्डिंग्स मॉरीशस II लिमिटेड | 49,28,20,420 | 12.60% | 49,28,20,420 |
| वेदांता होल्डिंग्स मॉरीशस लिमिटेड | 10,73,42,705 | 2.75% | 10,73,42,705 |
| वेल्टर ट्रेडिंग लिमिटेड | 3,82,41,056 | 0.98% | 3,82,41,056 |
| वेदांता नीदरलैंड्स इन्वेस्टमेंट्स B.V. | 15,14,714 | 0.04% | 15,14,714 |
| कुल (Total) | 2,20,47,24,753 | 56.38% | 2,20,47,24,753 |
रिपोर्ट के मुताबिक, इस भारी-भरकम राशि का उपयोग मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्यों के लिए किया जाएगा:
- वेदांता ग्रुप के मौजूदा कर्ज (Financial Indebtedness) और उस पर लगने वाले ब्याज को चुकाने के लिए।
- ग्रुप की सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करने के लिए।
- लेन-देन से जुड़े शुल्क और खर्चों के भुगतान के लिए।
Vedanta Aluminium के प्रमुख लेंडर्स
इस डील में दुनिया के कई बड़े बैंक शामिल हैं, जिनमें बार्कलेज बैंक (Barclays), सिटी बैंक (Citibank), जे.पी. मॉर्गन (J.P. Morgan), स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक और फर्स्ट अबू धाबी बैंक जैसे नाम प्रमुख हैं।
वेदांता रिसोर्सेज द्वारा उठाया गया यह कदम कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने और पुराने कर्जों को पुनर्गठित करने की दिशा में एक बड़ी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। कंपनी ने सेबी के 'टेकओवर रेगुलेशन 2011' के तहत यह खुलासा किया है।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
