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    कभी JP Associates और JP Infra के मालिक रहे मनोज गौड़ फिर गए जेल, JP पावर के चेयरमैन ने खुद किया सरेंडर

    Updated: Fri, 20 Feb 2026 02:08 PM (IST)

    JP Power के चेयरमैन मनोज गौड़ ने अंतरिम जमानत अवधि समाप्त होने पर 19 फरवरी, 2026 को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। उन्हें 2018 के 13,000 करोड़ रुपये के ...और पढ़ें

    कभी JP Associates और JP Infra के मालिक रहे मनोज गौड़ फिर गए जेल, JP पावर के चेयरमैन ने खुद किया सरेंडर

    कभी JP Associates और JP Infra के मालिक रहे मनोज गौड़ फिर गए जेल, JP पावर के चेयरमैन ने खुद किया सरेंडर

    नई दिल्ली। दिवालिया होकर बिक चुकी जयप्रकाश एसोसिएट्स की सब्सिडियरी JP Power के चेयरमैन को लेकर बड़ी खबर है। मनोज गौड़ ने खुद को सरेंडर कर दिया है। इस खबर के बाद आज यानी 20 फरवरी 2026 को जेपी पावर के शेयरों में गिरावट देखी गई। इस खबर को लिखते समय जेपी पावर के शेयर -0.07 की गिराटव के साथ 14.77 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहे हैं। 

    Jaiprakash Power Ventures Limited ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि जेपी पावर के नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और चेयरमैन मनोज गौड़ ने अपनी अंतरिम बेल की अवधि खत्म होने पर 19 फरवरी, 2026 की शाम को कोर्ट के सामने सरेंडर कर दिया है। दिल्ली की पटियाला कोर्ट से उन्हें 14 दिनों की अंतरिम जमानत मिली थी।

    JP Power के चेयरमैन को ED ने किया था गिरफ्तार

    जेपी पावर के चेयरमैन मनोज गौड़ को एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने 13 नवंबर, 2025 को 2018 के मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था, जिसमें कथित तौर पर 13,000 करोड़ रुपये का डायवर्जन शामिल था। इसके बाद 24 जनवरी को पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें 14 दिनो को अंतरिम जमानत दी थी। उन्होंने 19 फरवरी को कोर्ट में खुद को सरेंडर किया।

    जमानत के लिए हाई कोर्ट पहुंचे मनोज गौड़

    अब वह अपनी जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंचे हैं।  जस्टिस अनूप जयराम भंभानी मनोज गौड़ की बेल अर्जी पर सुनवाई करेंगे। पटियाला हाउस कोर्ट ने 16 फरवरी को उनकी रेगुलर बेल अर्जी खारिज कर दी थी। अब उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में वकील फारुख खान के जरिए बेल अर्जी दी है।

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    क्या है पूरा मामला?

    यह केस 25000 घर खरीदारों के पैसे की कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। गौड़ अभी अपनी मां की सेहत के आधार पर मिली अंतरिम बेल पर थे। ED ने कहा था कि यह होम बायर्स के पैसे से जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है। आरोपियों ने 13000 करोड़ रुपये इकट्ठा किए लेकिन उनका इस्तेमाल होम बायर्स को रहने की जगह देने के लिए नहीं किया।

    ED ने कहा था कि उसने मेसर्स जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) के पूर्व एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और मेसर्स जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड (JIL) के पूर्व चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज गौड़ को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के सेक्शन 19 के तहत गिरफ्तार किया।

    क्या करती है जेपी पावर?

    जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड पावर सेक्टर में काम करती है, जो बिजली बनाने और सप्लाई करने पर फोकस करती है। यह कंपनी जेपी ग्रुप का हिस्सा है, और जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड और जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड जैसी ग्रुप एंटिटीज के साथ अपने एसोसिएशन के जरिए इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े बिजनेस में भी काम करती है।

    Source- BSE

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