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    Stocks to Buy: मोतीलाल ओसवाल ने चुने कैपिटल गुड्स सेक्टर के दो शेयर, करा सकते हैं मोटी कमाई; चेक करें टार्गेट

    Updated: Sun, 15 Mar 2026 11:46 AM (IST)

    मोतीलाल ओसवाल की साप्ताहिक रिपोर्ट में कैपिटल गुड्स सेक्टर को चुना गया है। फर्म के अनुसार, मजबूत सरकारी पूंजीगत व्यय, निर्यात में सुधार और इंफ्रास्ट्र ...और पढ़ें

    कैपिटल गुड्स सेक्टर के शेयरों में दिख सकती है तेजी

    कैपिटल गुड्स सेक्टर के शेयरों में दिख सकती है तेजी

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

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    नई दिल्ली। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल हर हफ्ते सेक्टर ऑफ दी वीक नाम से एक रिपोर्ट जारी करती है। इस रिपोर्ट में हर हफ्ते एक नए सेक्टर के उन चुनिंदा स्टॉक्स को शामिल किया जाता है, जिनमें तेजी की उम्मीद हो। इस हफ्ते ब्रोकरेज फर्म ने कैपिटल गुड्स सेक्टर के दो शेयर चुने हैं। आइए जानते हैं कि क्यों मोतीलाल ओसवाल ने कैपिटल गुड्स सेक्टर को चुना है और इस सेक्टर में से किन शेयरों को खरीदने की सलाह दी है।

    नए फेज में एंट्री कर रहा कैपिटल गुड्स

    ब्रोकरेज फर्म के अनुसार भारत का कैपिटल गुड्स सेक्टर इस समय मजबूत पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर, निर्यात में सुधार और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े क्षेत्रों में स्थिर ऑर्डर रफ्तार के कारण लगातार एक्टिविटी के फेज में एंट्री कर रहा है।
    औद्योगिक, रक्षा और रेलवे से जुड़ी कंपनियों ने हाल की तिमाहियों में अच्छे ऑर्डर प्राप्त किए हैं, जो बिजली, ट्रांसमिशन, रिन्यूएबल एनर्जी और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में मजबूत सरकारी एक्सपेंडिचर को दर्शाते हैं।
    इंफ्रास्ट्रक्चर के क्रिएशन और मैन्युफैक्चरिंग एक्सपेंशन पर केंद्र सरकार का निरंतर फोकस डिमांड की स्पष्टता को मजबूत कर रहा है, जबकि डेटा सेंटर और रिन्यूएबल एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे इमर्जिंग सेक्टर्स के लिए डेवलपमेंट के नए अवसर प्रदान कर रहा है।

    ऑर्डर मिलने की रफ्तार शानदार

    अपनी रिपोर्ट में मोतीलाल ओसवाल ने कहा है कि पूरे सेक्टर में ऑर्डर मिलने की रफ्तार अच्छी बनी हुई है, जिसे ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स, डिफेंस प्लेटफॉर्म्स, रियल एस्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर डेवलपमेंट में इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कॉन्ट्रैक्ट्स से मदद मिली है।
    सरकारी पूंजीगत खर्च (Capex) काफी अहम बना हुआ है। FY27 के लिए पूंजीगत खर्च का आवंटन पिछले साल के मुकाबले लगभग 11 प्रतिशत बढ़ा है। इसके तहत, डिफेंस के लिए कैपिटल आवंटन में ज्यादा मजबूत बढ़ोतरी देखी गई है और ये लगभग 18 प्रतिशत बढ़कर लगभग 2.2 ट्रिलियन रुपये हो गया है।
    वहीं, FY26 में अब तक लगभग 6.9 ट्रिलियन रुपये के 'एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी' (AoN) अप्रूवल मिले हैं, जिनके अगले दो से तीन सालों में असल ऑर्डर्स में बदलने की संभावना है।

    अच्छी स्थिति में दिख रहा कैपिटल गुड्स सेक्टर

    मोतीलाल ओसवाल के अनुसार कुल मिलाकर, भारतीय कैपिटल गुड्स सेक्टर एक ऐसे मल्टी-ईयर इंवेस्टमेंट साइकिल से फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में नजर आ रहा है, जिसे सरकार के लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च, capex में धीरे-धीरे हो रही रिकवरी और निर्यात के बढ़ते अवसरों का समर्थन मिल रहा है।
    रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रिड के मॉडर्नाइजेशन, रक्षा क्षेत्र के आधुनिकीकरण और डेटा सेंटर जैसे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से पैदा होने वाली मांग इस सेक्टर के डेवलपमेंट के दायरे को लगातार बढ़ा रही है। मजबूत ऑर्डर पाइपलाइन, बेहतर होती ऑपरेटिंग एफिशिएंसीज और क्षमता विस्तार में बढ़ते निवेश के साथ, कैपिटल गुड्स उद्योग भारत के चल रहे औद्योगिक और इंफ्रास्ट्रक्चर बदलाव का एक प्रमुख लाभार्थी बने रहने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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    Siemens Energy Share Target

    सीमेंस का शेयर शुक्रवार को BSE पर 3206.10 रुपये पर बंद हुआ, मगर इसके लिए मोतीलाल ओसवाल ने 3600 रुपये का टार्गेट दिया है। यानी ये मौजूदा भाव से 12 फीसदी से अधिक रिटर्न दे सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि सीमेंस एनर्जी भारत के बढ़ते पावर ट्रांसमिशन पूंजीगत खर्च साइकिल से फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है। इसे ट्रांसफॉर्मेशन कैपेसिटी की बढ़ती मांग और निर्यात के बढ़ते अवसरों का भी समर्थन मिल रहा है। ट्रांसफॉर्मर और हाई-वोल्टेज स्विचगियर में चल रहे क्षमता विस्तार से कंपनी की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय, दोनों बाजारों की जरूरतों को पूरा करने की क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है। Q3FY26 में, इसका रेवेन्यू 26% बढ़ा, जबकि EBITDA मार्जिन 200 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 24.1% हो गया। इसमें अन्य खर्चों में हुई कमी का भी योगदान रहा। कंपनी का प्रॉफिट 57% और ऑर्डर बैकलॉग 38% बढ़ा है।

    Kirloskar Oil Engines Share Target

    किर्लोस्कर ऑयल इंजंस का शेयर शुक्रवार को 1452.35 रुपये बंद हुआ, जबकि इसके लिए टार्गेट 1600 रुपये का है। यानी ये शेयर मौजूदा भाव से 10 फीसदी से अधिक रिटर्न दे सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि किर्लोस्कर ऑयल इंजंस अपनी क्षमताओं के लगातार विस्तार और कंसल्टेंट-आधारित बिक्री रणनीति की मदद से, कम और ज्यादा हॉर्सपावर वाले पावर जेनरेशन, दोनों ही सेगमेंट में अपनी बाजार स्थिति को मजबूत करना जारी रखे हुए है।
    3QFY26 में, पावर जेनरेशन और इंडस्ट्रियल सेगमेंट में मजबूत प्रदर्शन के चलते कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 35% बढ़कर 13.8 अरब रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन 12.2% रहा, जो पिछली तिमाही की तुलना में अन्य खर्चों में बढ़ोतरी के कारण थोड़ा प्रभावित हुआ, जबकि टैक्स के बाद एडजस्टेड प्रॉफिट 102.2 करोड़ रुपये रहा। 9MFY26 के दौरान, रेवेन्यू, EBITDA और टैक्स के बाद प्रॉफिट में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो बाजार में मजबूत मांग और बेहतर ऑपरेटिंग प्रदर्शन को दर्शाता है।

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    "शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"

    (डिस्क्लेमर: यहां शेयरों पर दी गयी राय एक ब्रोकरेज फर्म द्वारा दी गयी जानकारी पर आधारित है। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)