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    2 दिन में 1100 प्वाइंट टूटा Sensex, 1 दिसंबर को रिकॉर्ड हाई, लेकिन 10 दिसंबर से क्यों डर रहे हैं निवेशक

    Updated: Tue, 09 Dec 2025 11:27 AM (IST)

    8 और 9 दिसंबर को शेयर बाजार में आई इस गिरावट का बड़ा कारण, 10 दिसंबर को आने वाली यूएस फेड पॉलिसी है। दरअसल, इस ग्लोबल इवेंट को लेकर निवेशक चिंतित हैं। ...और पढ़ें

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    नई दिल्ली। 1 दिसंबर को रिकॉर्ड हाई लगाने के बाद शेयर बाजार में फिर से गिरावट (Share Market Fall) हावी हो गई है। खासकर, पिछले दो दिनों में Sensex 1100 अंकों से ज्यादा टूट गया है तो Nifty 25800 के अहम स्तर के नीचे पहुंच चुका है। आरबीआई (RBI Rate Cut) द्वारा ब्याज दरों में कटौती का बूस्टर डोज देने के बावजूद मार्केट में यह गिरावट हैरान करने वाली है, और इसकी वजह अमेरिका में होने वाली फेड की आगामी बैठक है। दरअसल, अमेरिकी फेडरल रिजर्व 10 दिसंबर को मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान करने वाला है, इसलिए निवेशक बिकवाली कर रहे हैं। इसके अलावा, अमेरिका द्वारा भारत के चावल निर्यात पर संभावित टैरिफ लगाने के ट्रंप के ऐलान से भी मार्केट के सेंटिमेट बिगड़े हैं।

    निफ्टी 50 इंडेक्स में एशियन पेंट्स, इंफोसिस और जियो फाइनेंशियल सर्विसेज़ सबसे ज़्यादा 4 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली, जबकि टाइटन कंपनी और इटरनल 1 प्रतिशत तक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं।

    बाजार की गिरावट के 4 बड़े कारण

    फेड पॉलिसी को लेकर चिंता: अमेरिका में फेडरल रिजर्व की आज शाम शुरू होने वाली दो दिवसीय बैठक से पहले निवेशक चिंतित हैं। हालांकि, ट्रेडर ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन फेड यह राहत देगा या नहीं इसे लेकर निवेशक थोड़ी सतर्कता बरत रहे हैं।

    भारतीय चावल पर अमेरिका टैरिफ का खतरा: मार्केट का मूड 9 दिसंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस ऐलान ने भी बिगाड़ा है, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत को अमेरिकी बाजार में चावल "डंप" नहीं करना चाहिए और उन्होंने संकेत दिया कि वे टैरिफ के माध्यम से इस समस्या का "समाधान" करेंगे। अमेरिका भारतीय बासमती चावल का चौथा सबसे बड़ा बाजार है।

    रुपये में गिरावट: कॉर्पोरेट, एक्सपोर्टर और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की मांग के बीच शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 10 पैसे कमजोर होकर 90.15 पर आ गया। कारोबारियों ने कहा कि निवेशक नए सौदे करने से पहले फेड की ओर से स्पष्टता का इंतज़ार कर रहे हैं।

    खबरें और भी

    विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली: भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं। 8 दिसंबर, सोमवार को उन्होंने 655.59 करोड़ रुपये की बिकवाली की। हैरान करने वाली बात थी कि यह लगातार आठवां कारोबारी सत्र था जब उन्होंने इक्विटी बेची।

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    (डिस्क्लेमर: स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)